बिहार की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक बड़ी हलचल की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक राज्य को जल्द ही नया राज्यपाल मिल सकता है। जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल Syed Ata Hasnain 12 मार्च को पटना पहुंच सकते हैं और 13 मार्च को बिहार के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ले सकते हैं।
बताया जा रहा है कि वर्तमान राज्यपाल Arif Mohammad Khan की जगह सैयद अता हसनैन बिहार के नए राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। राजभवन में होने वाला यह बदलाव राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है।
पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलाएंगे शपथ
सूत्रों के अनुसार, नए राज्यपाल को पद और गोपनीयता की शपथ Patna High Court के मुख्य न्यायाधीश दिलाएंगे। फिलहाल पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Sangam Kumar Sahoo हैं, जो इस संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कराएंगे।
बताया जा रहा है कि 12 मार्च को पटना पहुंचने के बाद सैयद अता हसनैन राजभवन में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेंगे। इसके बाद 13 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
समारोह में शामिल हो सकते हैं कई बड़े नेता
राजभवन में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।
सेना में लंबा अनुभव
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। सेना में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और रणनीतिक मामलों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
बिहार की राजनीति में अहम मानी जाती है राज्यपाल की भूमिका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार जैसे बड़े और संवेदनशील राज्य में राज्यपाल की भूमिका काफी अहम होती है। ऐसे में नए राज्यपाल के आगमन को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।
अब सभी की निगाहें 12 और 13 मार्च पर हैं, जब पटना के राजभवन में एक नई संवैधानिक शुरुआत देखने को मिल सकती है।


