खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ी कार्रवाई: जीजा और उसके दोस्त की हत्या मामले में 8 नामजद और 8 अज्ञात (कुल 16) पर प्राथमिकी दर्ज।
- गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी सहित 5 लोगों को भेजा गया जेल; पुलिस की छापेमारी जारी।
- वजह: मौसेरे साले ने ही रची थी अपने जीजा के कत्ल की खूनी साजिश।
- मातम: घटना के दूसरे दिन भी गुलशन के ससुराल मोरकहिया में पसरा है सन्नाटा।
नवगछिया: रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर देने वाली नवगछिया की दोहरी हत्या (Double Murder) मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अपने ही जीजा और उनके दोस्त की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। मृतक के भाई श्याम कुमार के लिखित आवेदन पर नवगछिया थाने में कुल 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें अपराधियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सलाखों के पीछे पहुँचे ‘अपराधी रिश्तेदार’
नवगछिया थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रविशंकर ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- नीतीश कुमार (मुख्य आरोपी)
- अखिलेश कुमार
- देवो मंडल
- संजो देवी
- विजय मंडल (गोसाईं गांव निवासी)
थानाध्यक्ष के अनुसार, इस खूनी खेल में शामिल अन्य 11 आरोपियों (3 नामजद और 8 अज्ञात) की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
मोरकहिया में सन्नाटा, गम में डूबा परिवार
इधर, इस जघन्य हत्याकांड के दूसरे दिन भी मृतक गुलशन के ससुराल मोरकहिया गांव में शोक की लहर है। जिस घर से खुशियों की उम्मीद थी, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा बचा है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है कि कैसे एक मौसेरे साले ने विश्वास के रिश्ते को कत्ल के लहू से लाल कर दिया।
VOB का नजरिया: जब रक्षक ही बन जाए भक्षक
नवगछिया की यह घटना समाज के गिरते नैतिक मूल्यों का जीता-जागता उदाहरण है। महज आपसी विवाद या रंजिश में अपने ही सगे-संबंधियों की जान लेना यह दर्शाता है कि कानून का खौफ कम और गुस्से का उन्माद बढ़ रहा है। पुलिस ने 5 गिरफ्तारियां कर एक संदेश तो दिया है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब फरार आरोपियों को पकड़कर स्पीडी ट्रायल के जरिए उन्हें सख्त सजा दिलाई जाए।


