JDU कार्यकर्ताओं का बड़ा बयान: “निशांत को राज्यसभा भेजो, नीतीश कुमार को बिहार में रहने दो”

पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर गुरुवार सुबह से जेडीयू कार्यकर्ता और नेता जुटने लगे। खबरें सामने आने के बाद कि बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar राज्यसभा जा सकते हैं, पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बिहार की राजनीति से बाहर भेजने की साजिश की जा रही है।

जेडीयू नेता Rajeev Ranjan Patel और कई कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए और उन्हें ही बिहार का मुख्यमंत्री बनाए रखने की मांग की।

“नीतीश कुमार ही रहें बिहार के मुख्यमंत्री”

राजीव रंजन पटेल ने कहा कि मीडिया में यह खबर चल रही है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे, जिसके कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा है। उन्होंने कहा कि जेडीयू के किसी नेता ने होली नहीं मनाई क्योंकि इस खबर ने सभी को दुखी कर दिया है।

उन्होंने कहा, “बिहार की जनता और कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहाकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए बहुमत दिया है, न कि बीच कार्यकाल में पद छोड़ने के लिए। हम नहीं चाहते कि बिहार की बागडोर किसी दूसरे के हाथों में जाए।”

“हजारों कार्यकर्ता रो रहे हैं”

राजीव रंजन पटेल ने आगे कहा कि अगर राज्यसभा भेजना ही है तो नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar को भेजा जाए, लेकिन नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर ही बने रहना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि इस खबर से बिहार के कार्यकर्ता बेहद दुखी हैं। “कल किसी ने होली नहीं मनाई। आज हजारों कार्यकर्ता रो रहे हैं। हमने घर-घर जाकर नीतीश कुमार के नाम पर वोट मांगे थे, किसी और के लिए नहीं।”

“जरूरत हो तो फिर से चुनाव करा लें”

जेडीयू नेता ने कहा कि अगर किसी को नेतृत्व बदलना है तो चुनाव कराकर बहुमत साबित करें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को भरोसे में लिए बिना ऐसा कोई फैसला नहीं होना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यकर्ता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा नामांकन भरने के लिए नहीं जाने देंगे। उनकी मांग है कि निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जाए और नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री बने रहें।


 

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