
कहलगांव | 02 मार्च, 2026: भागलपुर के कहलगांव अंतर्गत लक्ष्मीनिया गांव में इन दिनों एक त्रिकोणीय प्रेम कहानी (Love Triangle) चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह मामला केवल दिल जुड़ने का नहीं, बल्कि मर्यादाओं के टूटने और फिर सड़कों पर उतरने का है। पति-पत्नी और ‘वो’ के इस विवाद में अब गांव के लोग दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं।
ससुराल में हुई मुलाकात और फिर मोबाइल ने बढ़ाई नजदीकियां
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीनिया गांव की रहने वाली चांदो कुमारी की शादी संदीप कुमार के साथ हुई थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब चांदो की मुलाकात राहुल नामक युवक से हुई।
- पहली मुलाकात: बताया जा रहा है कि दोनों की पहली मुलाकात चांदो के ससुराल में ही हुई थी।
- डिजिटल लव: वहीं पर दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और फिर चोरी-छिपे बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।
- विरोध: जब पति संदीप को इस ‘गुपचुप’ दोस्ती की भनक लगी, तो उसने कड़ा विरोध किया। राहुल और संदीप के बीच पहले भी इसे लेकर तीखी बहस हो चुकी थी।
28 फरवरी की रात: जब ‘पकड़े’ गए प्रेमी
विवाद ने हिंसक रूप तब लिया जब 28 फरवरी को संदीप ने चांदो और राहुल को एक साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद:
- जमकर मारपीट: गुस्साए परिजनों और पति ने राहुल के साथ मारपीट की, जिससे गांव में भगदड़ मच गई।
- हाई वोल्टेज ड्रामा: मारपीट के बाद मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया।
- पत्नी का फैसला: अब चांदो कुमारी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने पति संदीप के साथ नहीं रहना चाहती और वह राहुल के साथ ही अपनी जिंदगी बिताना चाहती है।
VOB का नजरिया: बिना ‘कानून’ के निपट रहा है मामला?
हैरानी की बात यह है कि गांव में इतनी बड़ी मारपीट और हंगामा होने के बावजूद अब तक किसी भी पक्ष ने पुलिस में औपचारिक शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई है। फिलहाल मामला पंचायती और ‘सामाजिक रजामंदी’ के भरोसे चल रहा है।
सवाल: क्या इस तरह के पारिवारिक विवादों का निपटारा सड़कों पर मारपीट से होना चाहिए? और क्या बिना कानूनी प्रक्रिया के इस तरह के रिश्तों का भविष्य सुरक्षित है? लक्ष्मीनिया गांव में तनाव अब भी बरकरार है।


