
भागलपुर | 02 मार्च, 2026: भागलपुर पुलिस ने शहर की फिजाओं में ‘जहर’ घोलने वाले नशे के बड़े सिंडिकेट के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है। सिटी एसपी सैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने कोतवाली बायपास और लालमटिया थाना क्षेत्र में छापेमारी कर ब्राउन शुगर के अंतरजिला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक महिला समेत कुल 5 शातिर तस्करों को दबोचा गया है।
ऑपरेशन ‘जहर-मुक्त भागलपुर’: दो ठिकानों पर एक साथ दबिश
सिटी एसपी सैलेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि शहर के युवा वर्ग को निशाना बनाने के लिए ब्राउन शुगर की एक बड़ी खेप पहुँचने वाली है।
1. कोतवाली बायपास की कार्रवाई:
- घेराबंदी: गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम ने कोतवाली बायपास इलाके में जाल बिछाया।
- गिरफ्तारी: यहाँ से अभिषेक, गौरव और एक महिला आरोपी सहित कुल चार लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
- बरामदगी: इनके पास से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से शहर में नशे की सप्लाई कर रहा था।
2. लालमटिया में अलग स्ट्राइक:
- टारगेट: विशेष टीम ने लालमटिया थाना क्षेत्र में अलग से छापेमारी की।
- गिरफ्तारी: यहाँ से अमित कुमार नामक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
- बरामदगी: अमित के पास से 10.29 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। वह छोटी-छोटी पुड़ियों में नशे की ‘होम डिलीवरी’ करने के लिए कुख्यात था।
सिंडिकेट का ‘लेखा-जोखा’: कुल 200 ग्राम से ज्यादा बरामदगी
पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल मिलाकर लगभग 210 ग्राम से अधिक ब्राउन शुगर जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
- मोडस ऑपरेंडी: यह गिरोह मोबाइल फोन और कोडवर्ड्स के जरिए युवाओं और छात्रों को अपनी गिरफ्त में ले रहा था।
- नेटवर्क की कड़ियाँ: गिरफ्तार महिला आरोपी की भूमिका इस सिंडिकेट में मुख्य रूप से ‘डिलीवरी और सुरक्षित ठिकाने’ उपलब्ध कराने की थी, ताकि पुलिस को शक न हो।
VOB का नजरिया: क्या ‘सिल्क सिटी’ बन रही है नशे की मंडी?
पिछले कुछ महीनों में भागलपुर पुलिस ने स्मैक और ब्राउन शुगर की कई बड़ी खेपें पकड़ी हैं। कोतवाली और लालमटिया जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में महिला तस्कर की भागीदारी यह दर्शाती है कि नशे का कारोबार अब कितना ‘पारिवारिक’ और ‘संगठित’ रूप ले चुका है। सिटी एसपी का यह दावा कि “नशा कारोबार को जड़ से खत्म करेंगे”, तभी सफल होगा जब इन छोटे प्यादों के पीछे छिपे ‘सफेदपोश आकाओं’ तक पुलिस के हाथ पहुँचेंगे।


