1 अप्रैल 2026 से सोने के निवेशकों के लिए बड़ा बदलाव: स्टॉक एक्सचेंज से खरीदे SGB पर टैक्स लगेगा

भारत में सोने में निवेश करने वालों के लिए Sovereign Gold Bond Scheme (SGB) के टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने बजट 2025-26 में संशोधन किया है, जिसका सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ेगा जो NSE या BSE के माध्यम से गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं।

क्या बदला है नियम

अब तक SGB को 8 साल की मैच्योरिटी तक होल्ड करने पर कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता था, चाहे बॉन्ड सीधे सरकार से खरीदा गया हो या सेकेंडरी मार्केट से। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से यह सुविधा सिर्फ “मूल निवेशकों” तक सीमित रहेगी।

मूल निवेशक वे होंगे जिन्होंने बॉन्ड प्राथमिक निर्गम के दौरान सीधे RBI के माध्यम से खरीदे हैं। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे या गिफ्ट के तौर पर प्राप्त बॉन्ड पर मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा।

सेकेंडरी मार्केट खरीदारों को असर

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई निवेशक एक्सचेंज से ₹7,000 में SGB खरीदता है और मैच्योरिटी पर उसका मूल्य ₹11,000 हो जाता है, तो ₹4,000 के मुनाफे पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स लगेगा। यानी ₹500 सरकार को देना होगा।

इसका मतलब है कि सेकेंडरी मार्केट निवेशक को 2.5% वार्षिक ब्याज तो मिलेगा, लेकिन पूंजीगत लाभ पर टैक्स देना होगा।

निवेशकों के लिए रणनीति बदलने का समय

अब तक सेकेंडरी मार्केट निवेशक टैक्स-फ्री मुनाफे की रणनीति अपनाते थे, जो अब अप्रभावी होगी। इस बदलाव से सेकेंडरी मार्केट में SGB की लिक्विडिटी और आकर्षण कम हो सकता है।

मूल निवेशक को पूरा टैक्स-फ्री रिटर्न मिलेगा, लेकिन सेकेंडरी खरीदारों को अपनी निवेश रणनीति को दोबारा सोचना होगा।


 

  • Related Posts

    मुंगेर में सनसनी: माँ की गोद से 8 महीने के मासूम को छीनने की कोशिश; शोर मचा तो झाड़ियों में फेंककर भागे बदमाश, पुलिस जांच में उलझा मामला

    Share Add as a preferred…

    Continue reading