भागलपुर: कुतुबगंज में महिला के साथ बदसलूकी की कोशिश; जबरन कमरे में खींचने और बेटे को पीटने की धमकी का आरोप, पुलिस में शिकायत दर्ज

भागलपुर/बबरगंज | 28 फरवरी, 2026: भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुतुबगंज से एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहाँ की एक महिला निवासी ने गांव के ही एक युवक पर उन्हें जबरन कमरे में ले जाने के प्रयास और उनके बेटे के साथ मारपीट की साजिश रचने का संगीन आरोप लगाया है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और दहशत में है।

वारदात का विवरण: नीयत पर उठे सवाल

​पीड़िता ने बबरगंज थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनके आवेदन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • आरोपी की पहचान: कुतुबगंज निवासी अंकित कुमार, पिता गोरे मोदी।
  • जबरदस्ती का प्रयास: महिला का आरोप है कि अंकित ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरन एक कमरे में ले जाने की कोशिश की। उन्होंने आरोपी की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
  • बेटे पर निशाना: आरोपी महिला पर लगातार दबाव बना रहा था कि वह अपने बेटे को उसके पास बुलाए। महिला को आशंका है कि आरोपी उनके बेटे के साथ मारपीट करने की फिराक में था।

“पूरी जिंदगी यहीं बीती, कभी किसी से विवाद नहीं हुआ”

​पीड़िता ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि उनका मायका और ससुराल दोनों कुतुबगंज में ही है और वे दशकों से यहाँ शांतिपूर्वक रह रही हैं।

  1. शांतिपूर्ण इतिहास: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कभी किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं रहा है।
  2. दहशत में परिवार: अचानक हुई इस घटना ने परिवार की मानसिक शांति छीन ली है।
  3. आजीविका पर संकट: पीड़िता का बेटा ऑटो चलाकर परिवार का पेट पालता है। अब परिवार को डर है कि कहीं काम पर जाते समय उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाए।

प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

​पीड़ित महिला ने बबरगंज पुलिस से मांग की है कि आरोपी अंकित कुमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की सत्यता की जांच शुरू कर दी है।

VOB का नजरिया: मोहल्लों में बढ़ती दबंगई पर लगाम जरूरी

कुतुबगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में, जहाँ लोग पीढ़ियों से साथ रह रहे हैं, ऐसी घटना होना सामाजिक ताने-बाने पर प्रहार है। एक कामकाजी महिला और एक मेहनत-मजदूरी करने वाले परिवार को इस तरह डराना-धमाना निंदनीय है। बबरगंज पुलिस को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेना चाहिए ताकि आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं का कानून पर भरोसा बना रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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