बक्सर | 28 फरवरी, 2026: बक्सर सेंट्रल जेल से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहाँ एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे शहर में भारी बवाल मच गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने जेल प्रशासन पर हत्या और साजिश का गंभीर आरोप लगाते हुए बक्सर के व्यस्त ज्योति चौक को घंटों तक जाम रखा।
पूरा मामला: तबीयत बिगड़ी या हुई मारपीट?
जेल के भीतर हुई इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- कैदी का प्रोफाइल: बताया जाता है कि मृतक शराब तस्करी के एक मामले में बक्सर सेंट्रल जेल में बंद था।
- जेल प्रशासन का दावा: जेल अधिकारियों के अनुसार, अचानक कैदी की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल लाया गया।
- इलाज के दौरान मौत: सदर अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कैदी को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के आरोप: “साजिश के तहत ली गई जान”
कैदी की मौत की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुँची, उनका गुस्सा फूट पड़ा:
- मारपीट का दावा: परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर कैदी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हुई।
- लापरवाही: लोगों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और साजिश रचने का आरोप लगाया है।
- दोषियों पर कार्रवाई: परिजनों की मांग है कि जेल के उन अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।
शहर में प्रदर्शन: ज्योति चौक पर शव रखकर बवाल
घटना के बाद बक्सर शहर की कानून-व्यवस्था चरमरा गई:
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- अस्पताल में हंगामा: मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
- सड़क जाम: पोस्टमार्टम के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने शव को ज्योति चौक पर रखकर सड़क जाम कर दी।
- पुलिस की मशक्कत: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुँचा और काफी देर तक लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की।
VOB का नजरिया: कस्टोडियल डेथ या महज इत्तेफाक?
जेल के भीतर किसी कैदी की मौत होना एक अत्यंत गंभीर मामला है, जिसकी जांच मजिस्ट्रेट स्तर पर होनी चाहिए। यदि परिजनों के मारपीट के दावों में सच्चाई है, तो यह जेल की सुरक्षा और मानवाधिकारों का बड़ा उल्लंघन है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उच्च स्तरीय जांच ही इस मामले की सच्चाई सामने ला पाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


