पटना में मच्छर कॉइल ने ली जान: बिस्तर पर जिंदा जल गई 65 वर्षीय लकवाग्रस्त महिला; करबिगहिया में पसरा मातम

पटना | 28 फरवरी, 2026: बिहार की राजधानी पटना से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली हृदय विदारक घटना सामने आई है। शहर के करबिगहिया इलाके में शुक्रवार की शाम एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई, जिसमें 65 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतक महिला पिछले चार वर्षों से पैरालिसिस (लकवा) से पीड़ित थी, जिस कारण वह आग की लपटों के बीच खुद को बचाने में पूरी तरह असमर्थ रही।

हादसे का विवरण: बेबस थी ‘मालती देवी’

​घटना पटना के जक्कनपुर थाना अंतर्गत करबिगहिया इलाके की है:

  • मृतक की पहचान: 65 वर्षीय मालती देवी, पति बलिराम चौधरी।
  • शारीरिक स्थिति: मालती देवी साल 2022 से पैरालिसिस की शिकार थीं। वे चलने-फिरने और बोलने में अक्षम थीं, जिस कारण वे न तो बिस्तर से उतर पाईं और न ही मदद के लिए शोर मचा सकीं।
  • समय: शुक्रवार शाम करीब 7:00 बजे बालकनी वाले कमरे से अचानक आग की लपटें उठने लगीं।

कैसे भड़की आग? ‘कॉइल’ बनी काल

​शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने का कारण मच्छर भगाने वाली ‘कॉइल’ को माना जा रहा है:

  1. चिंगारी से आग: कमरे में मच्छरों से बचाव के लिए कॉइल जलाई गई थी, जिसकी चिंगारी संभवतः खाट और बिस्तर में जा गिरी।
  2. लापरवाही और इत्तेफाक: घटना के समय मालती देवी के पति बलिराम चौधरी घर के पिछले हिस्से में टीवी देख रहे थे और उन्हें आग का अहसास नहीं हुआ। वहीं, उनका छोटा बेटा रवि शंकर चौधरी अपने परिवार के साथ बाजार गया हुआ था।
  3. पड़ोसियों की कोशिश: धुंआ उठता देख पड़ोसी छत पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक मालती देवी बुरी तरह झुलस चुकी थीं और उन्होंने बिस्तर पर ही दम तोड़ दिया।

प्रशासनिक कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही जक्कनपुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है।

VOB का नजरिया: छोटी सी लापरवाही, बड़ा नुकसान

मच्छर भगाने वाली कॉइल का उपयोग बिहार के घरों में आम है, लेकिन यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। बिस्तर के पास जलती हुई कॉइल छोड़ना, विशेषकर बुजुर्गों या दिव्यांगों के कमरे में, जानलेवा साबित हो सकता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ अपील करता है कि कॉइल को हमेशा ज्वलनशील पदार्थों (जैसे कपड़ा, रूई, लकड़ी) से दूर किसी सुरक्षित स्टैंड पर रखें और हो सके तो इलेक्ट्रिक रिपेलेंट्स का उपयोग करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

  • Related Posts

    दानापुर में ‘मूर्ति चोरनी’ का खेल खत्म! छोटी देवी मंदिर से पीतल की मूर्तियां गायब करने वाली गीता देवी गिरफ्तार; CCTV ने खोल दिया राज

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    भागलपुर में शराब माफिया के ‘मेगा’ प्लान पर फिरा पानी! झारखंड से सहरसा जा रही 847 लीटर विदेशी शराब जप्त; सनोखर पुलिस की बड़ी कामयाबी

    Share Add as a preferred…

    Continue reading