
पटना | 28 फरवरी, 2026: बिहार में एक बार फिर ‘बर्ड फ्लू’ की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। पटना, भागलपुर और दरभंगा समेत राज्य के पांच प्रमुख जिलों में पक्षियों और मुर्गियों में संक्रमण पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने ‘हाई-अलर्ट’ जारी कर दिया है। राजधानी स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान (जू) को एहतियात के तौर पर 7 मार्च तक दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है।
संक्रमण का केंद्र: इन शहरों में हुई पुष्टि
अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से पक्षियों के मरने की खबरें आई हैं, जिनमें लैब टेस्ट के बाद संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है:
जिला | क्षेत्र/विवरण |
|---|---|
पटना | राजधानी के विभिन्न इलाकों और जू परिसर |
भागलपुर | विशेष रूप से नवगछिया क्षेत्र में |
दरभंगा | स्थानीय पोल्ट्री और पक्षी |
मुंगेर | कौवों में संक्रमण की पुष्टि |
कटिहार | पक्षियों के मरने की सूचना |
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इन जिलों में 400 से अधिक कौवों में H_1N_1 वायरस (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हो चुकी है।
प्रशासनिक एक्शन: 3 किमी के दायरे में ‘सर्च ऑपरेशन’
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- डोर-टू-डोर जांच: जिन इलाकों में संक्रमण मिला है, उसके 3 किलोमीटर की परिधि में ANM और स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर जांच करेंगे।
- हाई-रिस्क समूह: पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले श्रमिकों और स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
- त्वरित कार्रवाई दल: संक्रमण को रोकने के लिए ‘त्वरित कार्रवाई दल’ (Quick Response Team) का गठन किया गया है।
- मुर्गियों और अंडों का निपटारा: संक्रमण वाले क्षेत्रों में हजारों मुर्गियों को मारा गया है और बड़ी मात्रा में अंडों को नष्ट किया गया है।
क्या खाएं और क्या नहीं? डेयरी एवं पशुपालन विभाग की सलाह
विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है:
“बर्ड फ्लू का वायरस 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पूरी तरह नष्ट हो जाता है। इसलिए अंडों या मुर्गियों को अच्छी तरह पकाकर खाने में कोई खतरा नहीं है।”
जरूरी सावधानियां:
- मृत पक्षियों से दूरी: मृत या बीमार पक्षियों को हाथ न लगाएं, न ही उनकी चीर-फाड़ करें।
- पोल्ट्री फार्म के नियम: मुर्गियों को बाहरी पक्षियों के संपर्क में न आने दें। देखभाल करने वाले लोग बाड़े से निकलने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
- निपटान की विधि: मृत मुर्गियों को खुले में न फेंकें; उन्हें गहरे गड्ढे में चूना डालकर मिट्टी से ढंक दें।
मदद के लिए यहाँ संपर्क करें
यदि आपको कहीं भी मृत या बीमार पक्षी दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
- राज्य हेल्पलाइन नंबर: 0612-2226049
VOB का नजरिया: डरें नहीं, जागरूक रहें!
राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी मनुष्य में इस संक्रमण की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, भागलपुर (नवगछिया) और पटना जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतना अनिवार्य है। ‘फ्रेंडली पुलिसिंग’ की तरह ‘फ्रेंडली हेल्थ केयर’ की जरूरत है ताकि लोग बिना डरे अपनी और अपने मवेशियों की बीमारी की जानकारी साझा करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


