दिल्ली की अदालत ने कथित शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और के कविता को बरी कर दिया है। फैसले के बाद आम आदमी पार्टी में खुशी की लहर है, जबकि विपक्षी दलों की ओर से केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखे हमले किए जा रहे हैं। इस बीच पटना से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान देते हुए दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
तेजस्वी यादव बोले- दिल्ली में फिर से हो चुनाव
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दलों पर राजनीतिक वेंडेट्टा के तहत झूठे मुकदमे किए जाते हैं और केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तथाकथित शराब घोटाले को लेकर आरोप लगाए गए थे, उसमें अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
तेजस्वी ने कहा,
“भाजपा का चाल और चरित्र सामने आ गया है। हम चाहेंगे कि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं, ताकि जनता सही मुद्दों पर अपना फैसला दे सके।”
उन्होंने आगे कहा कि केवल अरविंद केजरीवाल ही नहीं, बल्कि राहुल गांधी, लालू यादव और उनका पूरा परिवार भी बीजेपी के राजनीतिक वेंडेटा का शिकार रहा है। उन्होंने IRCTC और जमीन के बदले नौकरी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक किसी घोटाले की पुष्टि नहीं हुई है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
मनोज झा का बयान
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा,
“अब कितने लोग माफी मांगेंगे? जब वेंडेट्टा किसी केस को प्रेरित करता है तो उसका अंजाम यही होता है। जिन लोगों पर मुकदमे चल रहे हैं, उनका भी यही हश्र होगा।”
बीजेपी का पलटवार
वहीं बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि सभी जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया इस घोटाले के जनक थे। उन्होंने दावा किया कि मामले में आगे भी सच्चाई सामने आएगी।
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह अदालत का फैसला है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायालय के निर्णय का सम्मान होना चाहिए।
सियासी सरगर्मी तेज
अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे न्याय की जीत बता रही है, तो वहीं बीजेपी इसे अलग नजरिए से देख रही है। दिल्ली की राजनीति में इस फैसले के बाद नई बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में इसका असर सियासी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।


