पटना | 27 फरवरी, 2026: बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए यह खबर किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। लंबे समय से पदोन्नति (Promotion) का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए नीतीश सरकार ने अपनी तिजोरी के साथ-साथ तरक्की के रास्ते भी खोल दिए हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में घोषणा की है कि चालू वित्तीय वर्ष के समाप्त होते ही शिक्षकों को प्रमोशन देने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
सदन में गूंजा शिक्षकों के हक का सवाल
विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान एमएलसी प्रो. संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिलने का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर कब तक शिक्षक एक ही पद पर बने रहेंगे? इस सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने विभाग की मंशा साफ कर दी।
कब और कैसे शुरू होगी प्रक्रिया?
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन को भरोसा दिलाया कि विभाग प्रमोशन के लिए आवश्यक खाका तैयार कर चुका है।
- डेडलाइन: वर्तमान वित्तीय वर्ष (31 मार्च, 2026) के समाप्त होते ही प्रक्रिया शुरू होगी।
- शुरुआत: अप्रैल 2026 से शिक्षकों की फाइलें पदोन्नति के लिए आगे बढ़नी शुरू हो जाएंगी।
- फायदा: इस फैसले से न केवल शिक्षकों का पद (Designation) ऊंचा होगा, बल्कि उनके वेतनमान (Pay Scale) में भी बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी।
लाखों शिक्षकों को मिलेगी नई ऊर्जा
बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो सालों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। प्रमोशन मिलने से:
- स्कूलों में प्रधानाध्यापकों (Headmasters) और वरीय शिक्षकों के खाली पदों को भरा जा सकेगा।
- शिक्षकों के मनोबल में वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा।
- लंबे समय से चल रहा कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध अब समाप्त होने की कगार पर है।
VOB का नजरिया: देर आए दुरुस्त आए
बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों का संतुष्ट होना अनिवार्य है। सक्षमता परीक्षा और अन्य प्रशासनिक बदलावों के बीच प्रमोशन का यह फैसला शिक्षकों के आक्रोश को कम करने में मदद करेगा। हालांकि, चुनौती यह होगी कि अप्रैल से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और तेज रहती है, ताकि चुनाव और अन्य व्यस्तताओं के बीच यह फिर से लटक न जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


