बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: 31 मार्च तक ई-केवाईसी अनिवार्य; खाली पड़ी राशन दुकानों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया तेज करने का निर्देश

पटना | 26 फरवरी, 2026: बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और लाभुकों की समस्याओं के समाधान के लिए कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को विभाग के विशेष सचिव श्री उपेन्द्र कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी अनुमण्डल पदाधिकारियों (SDO) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि राशन कार्ड और वितरण से संबंधित सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

ई-केवाईसी के लिए 31 मार्च की समयसीमा तय

समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई कि राज्य में अब तक लगभग 82 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष बचे लाभुकों के लिए विशेष सचिव ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक हर हाल में ई-केवाईसी का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनाज का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभुकों को ही मिले।

संदिग्ध राशन कार्डों पर चलेगी जांच की कैंची

विशेष सचिव ने राज्य में चिह्नित सभी संदिग्ध (Suspected) राशन कार्डों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अनुमण्डल पदाधिकारियों को आदेश दिया कि ऐसे सभी मामलों का नियमानुसार जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। साथ ही, नए राशन कार्ड निर्माण के लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से निपटाने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र गरीब परिवारों को अनाज के लिए भटकना न पड़े।

राशन दुकानों की रिक्तियां और नए लाइसेंस

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अनाज वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए विभाग ने नई नियुक्तियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया है:

  • 31 मार्च 2026: सभी राशन दुकानों की रिक्तियों से संबंधित दावा प्रक्रिया पूर्ण करने की अंतिम तिथि।
  • 30 अप्रैल 2026: पात्र आवेदकों को नए लाइसेंस निर्गत करने की समयसीमा।

​विशेष सचिव ने जोर दिया कि खाद्यान्न का समय पर उठाव और नियमित वितरण सुनिश्चित करना पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है।

‘PDS PARAKH’ ऐप से होगी डिजिटल निगरानी

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए विभाग ने PDS PARAKH ऐप के उपयोग पर बल दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे इस ऐप के माध्यम से राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करें। इससे न केवल वितरण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि लाभुकों को मिल रहे अनाज की गुणवत्ता और मात्रा की डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो सकेगी।

​बैठक में विशेष कार्य पदाधिकारी सृष्टि प्रिया सहित विभाग के अन्य वरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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