
पटना | 26 फरवरी, 2026: बिहार में स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विद्युत वितरण को सुदृढ़ बनाने के लिए ऊर्जा विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। गुरुवार को ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटरिंग, डीटी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) मीटरिंग और कंज्यूमर टैगिंग का कार्य हर हाल में 31 मार्च तक पूर्ण कर लिया जाए।
विद्युत भवन में संपन्न हुई अहम समीक्षा बैठक
पटना स्थित विद्युत भवन में एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडरों (AMISP) के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में ऊर्जा सचिव ने कार्यों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार सहित दोनों डिस्कॉम के वरीय अधिकारी और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य केंद्र स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति, सिस्टम मीटरिंग और कंज्यूमर टैगिंग में आ रही चुनौतियों का समाधान करना था।
10% रैंडम वेरिफिकेशन का आदेश
उपभोक्ताओं और ट्रांसफार्मर के बीच सटीक तालमेल (टैगिंग) सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा सचिव ने ‘जीरो एरर’ की नीति पर जोर दिया। उन्होंने सभी विद्युत अधीक्षण अभियंताओं (Superintending Engineers) को आदेश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में डीटी मीटरिंग और कंज्यूमर टैगिंग कार्यों का कम से कम 10 प्रतिशत रैंडम वेरिफिकेशन स्वयं करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीनी स्तर पर हुआ कार्य शत-प्रतिशत सटीक और गुणवत्तापूर्ण हो।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल
समीक्षा के दौरान ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटरिंग केवल उपकरण लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गुणवत्ता नियंत्रण और नियमित मॉनिटरिंग का विषय है। उन्होंने एजेंसियों और अधिकारियों को जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया ताकि विद्युत वितरण में दक्षता बढ़े और उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिल सके।
यह पहल बिहार में आधुनिक बिजली प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे बिजली की खपत और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करने में मदद मिलेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


