बिहार विधानसभा में आज विधायक आईपी गुप्ता और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के बीच हल्की नोकझोक देखने को मिली। मामला सहरसा नगर निगम की वर्ष 2017 की 213 करोड़ रुपये की वाटर ड्रेनेज योजना का था, जिसमें बाद में 137 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हुए थे।
आईपी गुप्ता ने क्यों खोली पगड़ी?
आईपी गुप्ता ने सदन में सवाल उठाया कि जब योजना 213 करोड़ की थी तो 137 करोड़ रुपये की स्वीकृति क्यों दी गई। इस दौरान उन्होंने मज़ाकिया अंदाज में कहा कि “आज हम अपनी पगड़ी भी खोलकर आए हैं,” ताकि समाधान ठोस रूप में हो।” यह सुनकर सदन के सभी सदस्य हंस पड़े।
विजय सिन्हा का जवाब
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भी मजाकिया लहजे में प्रतिक्रिया दी और कहा:
“पगड़ी सम्मान का प्रतीक है, लेकिन अब खोल दी गई है तो इनके समस्या का समाधान निश्चित तौर पर किया जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का Phase-II निर्माण कार्य प्रगति पर है और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है।
सदन में माहौल
- सदन में हल्की हंसी-मज़ाक का माहौल बना।
- मुद्दे की गंभीरता के बावजूद सदस्यों ने ठहाके लगाए।
- योजना की समीक्षा और समाधान पर चर्चा आगे बढ़ेगी।


