भागलपुर | 25 फरवरी, 2026 भागलपुर पुलिस ने शहर में पैर पसार रहे नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। इशाकचक थाना क्षेत्र के छटपटी पोखर बौंसी पुल के समीप पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 6220 पीस प्रतिबंधित कोडिन युक्त कफ सिरप की एक बड़ी खेप बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने मौके से तीन धंधेबाजों को दबोचने में सफलता पाई है।
लाल ऑटो और ‘गुप्त’ गोदाम: ऐसे बिछाया गया जाल
इशाकचक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छत्रपति रोड के किनारे स्थित एक सुनसान गोदाम में प्रतिबंधित कफ सिरप का भारी स्टॉक जमा किया गया है।
- सूचना का आधार: पुलिस को खबर मिली थी कि गोदाम से सिरप की इस खेप को एक लाल रंग के ऑटो के जरिए शहर के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करने की तैयारी चल रही है।
- त्वरित एक्शन: सूचना मिलते ही इशाकचक थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम तैयार की और बताए गए ठिकाने की घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस ने गोदाम में दस्तक दी, वहां अफरा-तफरी मच गई।
6220 बोतलों का जखीरा और 3 गिरफ्तार
तलाशी के दौरान पुलिस ने गोदाम के भीतर से भारी मात्रा में कार्टन बरामद किए, जिनमें 6220 पीस कोडिन सिरप भरा हुआ था। नशे की इस खेप की बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है। मौके से पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- मंटू कुमार
- रवि कुमार
- ब्रिज बिहारी यादव
पकड़े गए तीनों आरोपी इस अवैध नेटवर्क के महत्वपूर्ण मोहरे बताए जा रहे हैं, जो भंडारण और वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
नेटवर्क की तलाश: कौन है असली ‘किंगपिन’?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन तीनों आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस अवैध व्यापार के ‘बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड’ लिंकेज को खंगालना है।
- सप्लाई चेन: पुलिस यह पता लगा रही है कि कोडिन सिरप की इतनी बड़ी खेप भागलपुर तक कहाँ से पहुँची और इसके असली खरीदार कौन थे।
- आसपास हड़कंप: पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से इशाकचक और आसपास के इलाकों में अवैध नशे का कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
VOB का नजरिया: कफ सिरप का ‘कॉकटेल’ और बर्बाद होती जवानी
भागलपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रतिबंधित कफ सिरप का नशा एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। दवा की आड़ में नशा बेचने वाले ये तस्कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इशाकचक पुलिस की यह मुस्तैदी काबिले तारीफ है, लेकिन असली सफलता तब मिलेगी जब इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पुलिस के हाथ पहुँचेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


