बिहार की राजनीति में एक युग का अंत: पांच बार विधायक, पूर्व मंत्री और दलितों की बुलंद आवाज Purnmasi Ram का निधन, प्रदेशभर में शोक की लहर

बिहार की राजनीति के वरिष्ठ और चर्चित नेताओं में शुमार, बगहा से पांच बार विधायक तथा पूर्व मंत्री रहे Purnmasi Ram का बुधवार को पटना के रूबन अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में गहरा शोक व्याप्त हो गया।

5 जनवरी 1950 को पश्चिम चंपारण जिले के नराईपुर गांव में एक साधारण दलित परिवार में जन्मे पूर्णमासी राम ने अपने संघर्ष और जनसेवा के बल पर राजनीति में अलग पहचान बनाई। वर्ष 1990 से उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जल्द ही दलितों एवं वंचित वर्गों की सशक्त आवाज बनकर उभरे।

वे बगहा विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए और सामाजिक न्याय की राजनीति के दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। बाद में वे अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (यूनाइटेड) शामिल रहे।

वर्ष 2009 में उन्होंने गोपालगंज लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर संसद में भी बिहार का प्रतिनिधित्व किया। 15वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में उन्होंने खाद्य, उपभोक्ता और सार्वजनिक वितरण से जुड़ी संसदीय समिति में सक्रिय योगदान दिया।

उनकी छवि एक जमीनी, सरल और स्पष्टवादी नेता की रही, जो ग्रामीण इलाकों और गरीब तबकों के मुद्दों को मजबूती से उठाते थे। उनके निधन को बिहार की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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