पटना | 25 फरवरी, 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी दो दिवसीय बिहार यात्रा के पहले दिन आज राजधानी पटना पहुँचे। दौरे की शुरुआत उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक के साथ की। अमित शाह ने लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास और व्यापार को सुगम बनाने जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक में ‘शक्ति प्रदर्शन’ और ‘रणनीति’: कौन-कौन रहे मौजूद?
पटना में आयोजित इस समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के कई दिग्गज शामिल हुए:
- नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री।
- सम्राट चौधरी: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री।
- अधिकारी: केंद्रीय गृह सचिव और गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी।
लैंड पोर्ट अथॉरिटी की समीक्षा: क्या रहा एजेंडा?
लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) भारत की सीमाओं पर ‘इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट’ (ICP) के निर्माण और प्रबंधन का काम करती है। बिहार के संदर्भ में इस बैठक के मायने काफी बड़े हैं:
- भारत-नेपाल सीमा व्यापार: रक्सौल और जयनगर जैसे प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर व्यापारिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- सुरक्षा और निगरानी: सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए तकनीक और सुरक्षा बलों के समन्वय की समीक्षा हुई।
- बिहार का आर्थिक विकास: गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि लैंड पोर्ट्स के विकसित होने से बिहार में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सियासी गलियारों में हलचल: दौरे के गहरे मायने
अमित शाह का यह दौरा न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।
- सम्राट चौधरी के साथ जुगलबंदी: बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी के साथ अमित शाह की यह बैठक राज्य में एनडीए (NDA) के भीतर मजबूत समन्वय का संकेत है।
- सीमावर्ती जिलों पर नजर: बिहार के सीमावर्ती जिलों में केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी है।
कल का कार्यक्रम: कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश
अपनी यात्रा के दूसरे दिन, अमित शाह बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि वे आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती को लेकर विशेष ‘गुरुमंत्र’ देंगे।
VOB का नजरिया: बिहार के लिए ‘द्वार’ खुलेगा लैंड पोर्ट
बिहार की सीमा नेपाल के साथ एक लंबी दूरी साझा करती है। अगर लैंड पोर्ट अथॉरिटी यहाँ अपनी योजनाओं को गति देती है, तो बिहार उत्तर भारत का एक बड़ा लॉजिस्टिक हब बन सकता है। अमित शाह का खुद इस विभाग की समीक्षा करना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार बिहार के सीमावर्ती विकास को लेकर कितनी गंभीर है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


