मोतिहारी | 25 फरवरी, 2026: बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने ‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में चल रहे एक बेहद हाईटेक देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश किया है। छतौनी थाना क्षेत्र के बरियारपुर में चल रहा यह धंधा किसी पारंपरिक कोठे से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन और क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए संचालित हो रहा था। एएसपी हेमंत सिंह के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में मास्टरमाइंड समेत चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
हाईटेक मोडस ऑपरेंडी: व्हाट्सएप पर ‘कैटलॉग’ और यूपीआई से ‘सौदा’
पुलिस की जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं। यह गिरोह पूरी तरह से संगठित और तकनीकी रूप से अपडेटेड था:
- डिजिटल दलाली: ग्राहकों से संपर्क होने के बाद व्हाट्सएप पर महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं।
- कैशलेस धंधा: पुलिस से बचने के लिए पैसों का लेनदेन नकद में नहीं, बल्कि क्यूआर कोड भेजकर डिजिटल पेमेंट के जरिए किया जाता था।
- दिल्ली कनेक्शन: गिरोह का सरगना नंदलाल आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली जैसे अन्य राज्यों से भी महिलाओं को बुलाता था।
सिल्वर स्क्रीन से मिली ‘क्रिमिनल’ प्रेरणा: पकड़े जाने से बचने का अनोखा तरीका
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी नंदलाल ने एक अजीबोगरीब खुलासा किया। उसने बताया कि वह पिछले 7-8 महीनों से सक्रिय था और यह ‘बिजनेस मॉडल’ उसने एक टीवी क्राइम प्रोग्राम को देखकर तैयार किया था।
”आरोपी ने एक ही स्थान पर गतिविधि चलाने के बजाय महिलाओं को अलग-अलग ठिकानों पर ठहराया था। उसे लगा था कि विकेंद्रीकृत (Decentralized) तरीके से काम करने पर वह पुलिस की नजरों से बचा रहेगा।”
— पुलिस रिपोर्ट
वर्दी वाला ‘ग्राहक’: पुलिस ने बिछाया जाल और ऐसे हुआ शिकार
इस गिरोह को पकड़ने के लिए एएसपी हेमंत सिंह ने एक फिल्मी स्टाइल में जाल बिछाया:
- फर्जी ग्राहक: टीम के एक सिपाही ने फर्जी ग्राहक बनकर नंदलाल से संपर्क साधा।
- डील और गिरफ्तारी: व्हाट्सएप पर फोटो देखने और सौदा तय होने के बाद जैसे ही नंदलाल सिपाही को नियत स्थान पर ले जाने पहुँचा, पहले से घेराबंदी कर रही पुलिस टीम (जिसमें प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका और अन्य अधिकारी शामिल थे) ने उसे दबोच लिया।
- बरामदगी: छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन और कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं।
छतौनी में एक हफ्ते के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई
छतौनी पुलिस इन दिनों देह व्यापार के सिंडिकेट पर कहर बनकर टूट रही है। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरे गिरोह का भंडाफोड़ है। इससे पहले भी पुलिस ने चार-पांच महिलाओं के साथ धंधेबाजों को गिरफ्तार किया था। एएसपी ने स्पष्ट किया है कि अनैतिक कार्यों और मानव तस्करी के खिलाफ यह अभियान जीरो टॉलरेंस के साथ जारी रहेगा।
VOB का नजरिया: अपराध का ‘डिजिटल’ अवतार और सामाजिक चुनौती
मोतिहारी की यह घटना दिखाती है कि कैसे अपराधी तकनीक का सहारा लेकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। टीवी कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर अपराध की दुनिया में उतरना समाज के लिए चिंता का विषय है। पुलिस की सक्रियता काबिले तारीफ है, लेकिन स्थानीय मोहल्लों में किराए पर रहने वाले लोगों की पहचान और उनके आचरण पर ‘पड़ोसी निगरानी’ (Neighborhood Watch) की भी सख्त जरूरत है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


