वैशाली में रिश्तों का कत्ल: जीजा ने नाबालिग साली से की दरिंदगी; आठवीं की छात्रा बनी शिकार, मुजफ्फरपुर का आरोपी गिरफ्तार

लालगंज (वैशाली) | 25 फरवरी, 2026: बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और पवित्र रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। लालगंज थाना क्षेत्र में एक जीजा ने अपनी ही नाबालिग साली, जो आठवीं कक्षा की छात्रा है, के साथ दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

रक्षक ही बना भक्षक: ससुराल आया था आरोपी

​घटना की जो जानकारी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। आरोपी की पहचान विष्णु राम के रूप में हुई है, जो मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी का रहने वाला है।

  • दहशत का मंजर: विष्णु राम कुछ दिन पहले लालगंज स्थित अपने ससुराल आया हुआ था।
  • वारदात: घर में मेहमान बनकर आए जीजा ने अपनी नाबालिग साली को हवस का शिकार बनाया।
  • छात्र की व्यथा: पीड़ित बच्ची आठवीं कक्षा की छात्रा है। परिजनों को जब इस काली करतूत का पता चला, तो घर में कोहराम मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

एक्शन मोड में पुलिस: FSL टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती है।

  1. गिरफ्तारी: सूचना मिलते ही लालगंज थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार ने दलबल के साथ छापेमारी कर आरोपी विष्णु राम को दबोच लिया।
  2. वैज्ञानिक जांच: लालगंज सदर एसडीपीओ गोपाल मंडल खुद एफएसएल (FSL) की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे।
  3. साक्ष्यों का संकलन: एफएसएल टीम ने मौके से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य (Evidence) एकत्रित किए हैं, ताकि कोर्ट में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।

अगली कार्रवाई: मेडिकल टेस्ट और सख्त सजा की तैयारी

​पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

  • मेडिकल बुलेटिन: पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद केस को और मजबूती मिलेगी।
  • पुलिस का दावा: एसडीपीओ गोपाल मंडल ने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।

VOB का नजरिया: कब सुरक्षित होंगी बेटियां?

​मुजफ्फरपुर से वैशाली आकर रिश्तों को कलंकित करने वाले इस शख्स ने एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब घर के अंदर ही ‘अपनों’ से खतरा हो, तो बेटियां कहाँ सुरक्षित रहेंगी? पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, लेकिन ऐसे अपराधियों के लिए नजीर बनने वाली सजा ही असली न्याय होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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