JDU ने विधान परिषद चुनाव के लिए 4 उम्मीदवारों का किया ऐलान, सामाजिक समीकरण और महिला प्रतिनिधित्व पर दिखा खास जोर

पटना: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने शुक्रवार को अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी। पार्टी ने इस बार सामाजिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।

जेडीयू द्वारा घोषित चार उम्मीदवारों में निशांत कुमार, डॉ. भारती मेहता, शिवरानी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं। इनमें एक उम्मीदवार पिछड़ा वर्ग से, जबकि तीन उम्मीदवार अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। वहीं चार में से दो सीटों पर महिलाओं को मौका देकर पार्टी ने महिला सशक्तिकरण का भी संदेश देने की कोशिश की है।

ये हैं जेडीयू के चार उम्मीदवार

JDU ने विधान परिषद चुनाव के लिए 4 उम्मीदवारों का किया ऐलान, सामाजिक समीकरण और महिला प्रतिनिधित्व पर दिखा खास जोर

निशांत कुमार

निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र हैं। पार्टी उन्हें युवा चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। वे पिछड़ा वर्ग से आते हैं और संगठन में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ी है।

डॉ. भारती मेहता

डॉ. भारती मेहता वर्तमान में जेडीयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह लंबे समय तक पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता भी रह चुकी हैं। संस्कृत विषय में पीएचडी करने वाली भारती मेहता बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। मधुबनी जिले की रहने वाली भारती मेहता नोनिया समाज से आती हैं और वर्ष 2002 से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

शिवरानी प्रजापति

शिवरानी प्रजापति पश्चिम चंपारण (बेतिया) में जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने जेडीयू में प्रदेश सचिव और प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्ष 2005 से पार्टी संगठन में सक्रिय शिवरानी प्रजापति कुम्हार समाज से आती हैं और जमीनी स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

ललन प्रसाद

ललन प्रसाद जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। समता पार्टी के दौर से ही वे संगठन से जुड़े रहे हैं और वर्ष 1994 से शेखपुरा जिले में पार्टी को मजबूत बनाने का काम करते रहे हैं। धानुक समाज से आने वाले ललन प्रसाद को संगठन के अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में देखा जाता है।

सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश

जेडीयू की इस सूची से साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी ने आगामी चुनाव को देखते हुए पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के बीच अपने जनाधार को और मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। साथ ही दो महिलाओं को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व को भी प्राथमिकता दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चयन सामाजिक समीकरणों को साधने के साथ-साथ संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं को सम्मान देने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।

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