भागलपुर (नवगछिया) | 24 फरवरी, 2026: बिहार के भागलपुर जिले का नवगछिया इलाका मंगलवार को उस वक्त दहल उठा, जब नेशनल हाईवे-31 (NH-31) पर रफ्तार के कहर ने चार जिंदगियां लील लीं। झंडापुर थाना क्षेत्र के दयालपुर के पास एक अनियंत्रित बस ने विपरीत दिशा से आ रही दो छोटी गाड़ियों (पिकअप और ई-रिक्शा) को ऐसी टक्कर मारी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हादसे में 6 साल के एक बच्चे और एक दंपति समेत 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 6 लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
बड़ी बातें: हादसे का पूरा लेखा-जोखा
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विवरण |
जानकारी |
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हादसे की जगह |
एनएच-31, दयालपुर (बगड़ी पुल के पास), झंडापुर, नवगछिया |
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समय |
मंगलवार दोपहर |
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वाहन |
खगड़िया से आ रही बस + पिकअप वैन + ई-रिक्शा |
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कुल मौतें |
04 (एक मासूम बच्चा, एक पति-पत्नी और एक युवक) |
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घायल |
06 (मायागंज अस्पताल में भर्ती) |
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मुख्य कारण |
बस की अत्यधिक रफ्तार और अनियंत्रित होना (प्रथम दृष्टया) |
इनकी गई जान: मातम में डूबे खगड़िया, कटिहार और भागलपुर
प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी चारों मृतकों की शिनाख्त कर ली है। हादसे का शिकार हुए लोग अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे:
- कुणाल कुमार (6 वर्ष): खगड़िया के मारर गांव का रहने वाला यह मासूम अपने पिता अमन निषाद का लाडला था। पलक झपकते ही उसकी दुनिया उजड़ गई।
- अरविंद मंडल: कटिहार के समेली (पोठिया) का रहने वाला अरविंद घर का चिराग था।
- सुनील दास (40 वर्ष) एवं पूर्मी देवी (35 वर्ष): भागलपुर के इस्माइलपुर (भीट्टा) का रहने वाला यह दंपति एक साथ इस काल के गाल में समा गया। पति-पत्नी की एक साथ मौत से पूरे गांव में सन्नाटा है।
हादसे की इनसाइड स्टोरी: शरीर के चिथड़े उड़ गए
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खगड़िया की ओर से आ रही बस इतनी रफ्तार में थी कि ड्राइवर का उस पर नियंत्रण नहीं रहा। सामने से आ रहे ई-रिक्शा और पिकअप को बस ने फुटबाल की तरह उड़ा दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा पर सवार यात्रियों के शरीर के चिथड़े सड़क पर बिखर गए। घटनास्थल पर मौजूद लोग बताते हैं कि चीख-पुकार इतनी भयानक थी कि पास के खेतों में काम कर रहे लोग कांप उठे।
ग्राउंड जीरो पर DM-SP: खुद संभाली राहत की कमान
हादसे की सूचना मिलते ही भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और नवगछिया एसपी सुश्री प्रेरणा कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
”चार मौतों की पुष्टि हुई है। सभी 6 घायलों को भागलपुर के मायागंज (JLNMCH) अस्पताल भेजा गया है, जहाँ वरीय अधिकारी उनकी निगरानी कर रहे हैं। NH-31 पर यातायात सामान्य कर दिया गया है और एमवीआई (MVI) हादसे की तकनीकी जांच कर रहे हैं।”
— डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर
सड़क चौड़ीकरण का वादा: कब थमेगा एनएच पर खून?
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एनएच-31 पर सुरक्षा मानकों को लेकर भारी रोष जताया। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया है कि इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है, इसलिए इसके चौड़ीकरण की योजना पर जल्द काम शुरू होगा।
द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: रफ्तार की सनक ने एक बार फिर हंसते-खेलते परिवारों को खत्म कर दिया। जब तक हाईवे पर ‘रफ्तार’ के नियम सिर्फ कागजों पर रहेंगे, मासूम कुणाल जैसे बच्चे अपनी जान गंवाते रहेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


