झारखंड से दिल्ली आ रही एयर एंबुलेंस के क्रैश होने की शुरुआती वजह सामने आ गई है। Air Accidents Investigation Bureau (AAIB) की जांच में अब तक यह संकेत मिला है कि हादसा पक्षी से टक्कर के कारण नहीं, बल्कि खराब मौसम की वजह से हुआ।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय विमान करीब 6000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। मौसम अचानक खराब होने के संकेत मिलते ही पायलट ने कोलकाता एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। यह बातचीत शाम करीब 7:34 बजे की बताई जा रही है। हालांकि, ATC से जवाब मिलने से पहले ही विमान का संपर्क टूट गया और कुछ ही देर बाद उसके क्रैश होने की सूचना मिली।
जंगल में गिरा था विमान
23 फरवरी की शाम 7:11 बजे एयर एंबुलेंस ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के जंगल में विमान क्रैश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान अचानक नीचे गिरा और जंगल के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
रांची एयरपोर्ट के निदेशक ने भी शुरुआती तौर पर खराब मौसम को हादसे की संभावित वजह बताया है। मामले की जांच में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) भी सहयोग कर रहा है।
सात लोगों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। इनमें 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा, अटेंडेंट अर्चना देवी और धुरु कुमार, पायलट विवेक विकास भगत और सवरजदीप सिंह शामिल थे।
हादसे का शिकार हुआ विमान बीचक्राफ्ट C90 मॉडल का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV बताया गया है। दिल्ली बेस्ड रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड इस विमान का संचालन कर रही थी।
जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।


