चतरा/रांची | 24 फरवरी, 2026: रांची से एक गंभीर मरीज को लेकर दिल्ली के लिए उड़ी रेडबर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रांची सदर अस्पताल के विख्यात एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता भी शामिल हैं, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे।
7:11 पर उड़ान और 7:34 पर टूटा संपर्क: हादसे की टाइमलाइन
हादसे का घटनाक्रम किसी बुरे सपने जैसा रहा:
- टेक-ऑफ: विमान (Beechcraft King Air C90) ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी।
- मौसम का मिजाज: शाम 7:34 बजे पायलट ने खराब मौसम के कारण मार्ग परिवर्तन (Route Change) की अनुमति मांगी।
- रडार से गायब: अनुमति मांगने के कुछ ही देर बाद विमान का रडार संपर्क टूट गया।
- रेस्क्यू: रात 8:05 बजे बचाव कार्य शुरू हुआ, जिसके बाद सिमरिया के जंगल में विमान का मलबा मिला।
बिहार का लाल और ‘जीवनरक्षक’ डॉक्टर भी नहीं बचे
इस हादसे ने चिकित्सा जगत को गहरा जख्म दिया है। डॉ. विकास कुमार गुप्ता वर्षों से रांची में कार्यरत थे, लेकिन उनके जड़ें बिहार से जुड़ी थीं।
- परिवार: डॉ. गुप्ता अपने पीछे पत्नी (SBI कर्मी) और एक 8 साल के बेटे को छोड़ गए हैं।
- सेवा का जज्बा: वे मेडिकल इवैक्यूएशन मिशनों में काफी सक्रिय थे और हादसे से ठीक एक दिन पहले ही उन्होंने सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया था।
उम्मीदों की आखिरी उड़ान: 65% झुलसे मरीज का था सफर
विमान में लातेहार (चंदवा) निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।
- गंभीर स्थिति: संजय 65% तक झुलस गए थे और उन्हें रांची से दिल्ली रेफर किया गया था।
- आर्थिक संघर्ष: परिजनों ने तंगी के बावजूद बड़ी उम्मीद के साथ एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की थी, लेकिन यह सफर उनका अंतिम सफर साबित हुआ।
- मृतकों में शामिल: विमान में दो पायलट, डॉक्टर, पैरामेडिक और दो अटेंडेंट सवार थे, जिनमें से कोई भी जीवित नहीं बच सका।
AAIB की टीम करेगी ब्लैक बॉक्स की जांच
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हादसे की पुष्टि कर दी है।
- जांच: दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है।
- फोकस: जांच टीम ब्लैक बॉक्स को बरामद करने और खराब मौसम सहित अन्य तकनीकी कारणों की पड़ताल करने में जुटी है।
द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: डॉ. विकास के पैतृक गांव से लेकर रांची के गलियारों तक मातम पसरा हुआ है। एक जीवन बचाने निकले डॉक्टर की आखिरी उड़ान अब केवल एक दर्दनाक याद बनकर रह गई है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


