भोजपुरी सिनेमा में फिल्मों के नाम को लेकर छिड़ी बहस के बीच सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक पोस्ट चर्चा में आ गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“सिनेमा वाले फैन अगर ‘घूसखोर पंडित’ पर इकट्ठा हुए और नाम हटाया तो फिर उन सबको ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर भी इकट्ठा होना चाहिए। और तभी जाकर लगेगा कि हम selective approach नहीं रखते। जो गलत है सो गलत है। बस….”
खेसारी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक ओर ‘घूसखोर पंडित’ नाम को लेकर विरोध देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” का पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल पोस्टर में एक रोमांटिक-ड्रामा की झलक मिलती है। शीर्षक को लाल रंग की ब्रश स्ट्रोक स्टाइल में उभारा गया है। पोस्टर में मुख्य जोड़ी का क्लोज़अप रोमांटिक अंदाज़ में दिखाया गया है, जबकि नीचे एक अन्य किरदार गंभीर लुक में नजर आता है। बैकग्राउंड में ऐतिहासिक स्मारक की परछाईं और एक कपल की सिल्हूट फिल्म के इमोशनल और प्रेम कहानी वाले पहलू को दर्शाती है।
खेसारी लाल यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे समानता की मांग बता रहे हैं, तो कुछ इसे विवाद को और हवा देने वाला बयान मान रहे हैं।
फिलहाल, फिल्मी नामों को लेकर छिड़ी यह बहस भोजपुरी इंडस्ट्री में ‘सिलेक्टिव अप्रोच’ बनाम ‘समान मानदंड’ के मुद्दे को केंद्र में ले आई है।


