चेनारी (रोहतास) | 22 फरवरी, 2026: रोहतास जिले के चेनारी स्थित रामदुलारी हाई स्कूल के मैदान में शनिवार को ‘गुप्ता धाम महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में भोजपुरी जगत के दिग्गज सितारों ने अपनी गायकी से देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की एक झलक पाने के लिए भीड़ इस कदर बेकाबू हुई कि वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और करीब 200 कुर्सियां टूट गईं।
भोजपुरी सितारों ने बांधा समां
महोत्सव के मंच पर जैसे ही स्टार गायक और अभिनेता अरविंद अकेला ‘कल्लू’ और अंकुश-राजा की जोड़ी पहुंची, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इनके साथ ही गायिका शिवानी सिंह और हर्षप्रीत कौर ने भी अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में एक के बाद एक सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को बेहद उत्साहपूर्ण बना दिया।
बेकाबू हुई भीड़, टूटीं कुर्सियां और मची अफरा-तफरी
लोकप्रिय कलाकारों को करीब से देखने और सेल्फी लेने की होड़ में दर्शक दीर्घा में बैठी भीड़ अचानक मंच की ओर बढ़ने लगी। सुरक्षा घेरा टूटने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी आपाधापी में दर्शकों के बैठने के लिए लगाई गई लगभग 200 से अधिक कुर्सियां टूट गईं।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
- सुरक्षा: भीड़ को शांत कराने के लिए अधिकारियों को बीच-बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद कार्यक्रम दोबारा सुचारू रूप से आगे बढ़ सका।
दिग्गजों ने किया महोत्सव का विधिवत उद्घाटन
इससे पहले महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन पूर्व मंत्री सह वर्तमान विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, विधान पार्षद निवेदिता सिंह, उप विकास आयुक्त (DDC) विजय कुमार पांडे और सासाराम की एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गुप्ता धाम (गुप्तेश्वर महादेव) न केवल रोहतास बल्कि पूरे बिहार की आस्था का केंद्र है। इस महोत्सव के जरिए क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और युवाओं को अपनी कला दिखाने का मंच प्रदान किया जा रहा है।
पर्यटन मानचित्र पर गुप्ता धाम को लाने की कवायद
जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का मुख्य उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से गुप्तेश्वर महादेव शिवालय (गुप्ता धाम) को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना है।
- विकास की उम्मीद: महोत्सव के सफल आयोजन से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है।
- सांस्कृतिक महत्व: यह महोत्सव हर वर्ष ऐतिहासिक गुप्तेश्वर महादेव की महिमा के सम्मान में आयोजित किया जाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


