पटना/गुरुग्राम | 21 फरवरी, 2026: मानवता को शर्मसार करने वाली एक वीभत्स घटना सामने आई है, जहाँ एक साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी युवक ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने दुष्कर्म के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को औद्योगिक इलाके में जमीन के नीचे दबा दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले का रहने वाला है।
खेलते समय मासूम को बनाया शिकार
घटना गुरुवार शाम की है। मासूम बच्ची सेक्टर-37 थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। शाम करीब पौने सात बजे, पड़ोस में रहने वाले 25 वर्षीय शिवनाथ ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।
- अपहरण और दुष्कर्म: आरोपी बच्ची को पैदल ही सेक्टर-37 के औद्योगिक इलाके के पास झाड़ियों में ले गया, जहाँ उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
- क्रूरता की हद: पकड़े जाने के डर से आरोपी ने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पास के ही एक वॉच-टॉवर के पास गड्ढा खोदकर शव को छिपा दिया।
वारदात के बाद काम पर पहुँचा आरोपी
इस अपराधी की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हत्या के बाद वह लगभग रात साढ़े सात बजे अपनी कंपनी पहुँचा। वहां उसने सामान्य दिनों की तरह स्क्रैप (कूड़ा-कचरा) उठाने का काम शुरू कर दिया, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
उधर, जब सात बजे तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो उसकी माँ ने तलाश शुरू की। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुँच गई।
पुलिस की कार्रवाई और बिहार कनेक्शन
पुलिस ने आरोपी शिवनाथ को एक निजी कंपनी से धर दबोचा है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
- आरोपी की पहचान: शिवनाथ (25 वर्ष), निवासी- जिला सुपौल, बिहार।
- न्यायिक प्रक्रिया: पुलिस आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश करेगी, जहाँ उसकी रिमांड की मांग की जाएगी।
- शव बरामदगी: आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जमीन खोदकर मासूम का शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
द वॉयस ऑफ बिहार की अपील: सतर्कता ही सुरक्षा है
यह घटना हमें सचेत करती है कि हम अपने बच्चों को लेकर कितने सावधान रहें। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ समाज से अपील करता है:
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- छोटे बच्चों को घर के बाहर अकेला न छोड़ें।
- उन्हें ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक करें (यदि उम्र उपयुक्त हो)।
- पड़ोसियों और परिचितों पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।
निष्कर्ष: बिहार के सुपौल का नाम इस तरह की घृणित वारदात में सामने आना शर्मनाक है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।


