भागलपुर से हवाई उड़ान का सपना जल्द होगा साकार; 19 सीटर विमान के लिए एएआई ने मांगी 7 बिंदुओं पर रिपोर्ट

भागलपुर | 21 फरवरी, 2026: भागलपुर वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। जिले के मौजूदा रनवे से 19 सीटर विमान उड़ाने की प्रशासनिक तैयारी युद्धस्तर पर शुरू हो गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने भागलपुर हवाई अड्डे के विकास की संभावनाओं को देखते हुए सिविल विमानन विभाग से सात प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

​इस दिशा में तेज़ी दिखाते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) ने संबंधित विभागों को 24 घंटे के भीतर प्रतिवेदन जमा करने का सख्त निर्देश दिया है।

प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के लिए आएगी एएआई की टीम

​सिविल विमानन विभाग के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने जानकारी दी है कि एएआई की एक विशेषज्ञ टीम इसी माह के अंत तक भागलपुर हवाई अड्डा मैदान का साइट विजिट करने वाली है। यह टीम यहाँ ‘प्री-फिजिबिलिटी स्टडी’ (Pre-Feasibility Study) करेगी, जिसके आधार पर ही केंद्र सरकार हवाई अड्डे के विस्तार और विमान संचालन पर अंतिम मुहर लगाएगी।

इन 7 प्रमुख बिंदुओं पर मांगी गई है रिपोर्ट

​केंद्र सरकार ने हवाई अड्डे के विकास के लिए निम्नलिखित मानकों पर डेटा मांगा है:

  1. भूमि का विवरण: प्रस्तावित भूमि का वर्तमान उपयोग और उसका मालिकाना हक।
  2. अधिग्रहण की स्थिति: भूमि अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति क्या है।
  3. बुनियादी ढांचा: विमान संचालन के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता।
  4. दूरी और कनेक्टिविटी: आस-पास की अन्य हवाई पट्टियों से भागलपुर की दूरी।
  5. सुरक्षा मानक: सुरक्षा के दृष्टिकोण से रनवे और आसपास का क्षेत्र कितना उपयुक्त है।
  6. वित्तीय व्यवहार्यता (Financial Viability): क्या यहाँ से विमान संचालन आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा।
  7. पर्यावरण और मौसम: पिछले 10 वर्षों के मौसम संबंधी आंकड़े और पर्यावरणीय प्रभाव की रिपोर्ट।

डीएम का ‘एक्शन मोड’: 24 घंटे की डेडलाइन

​मामले की गंभीरता और एएआई टीम के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए भागलपुर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के तमाम संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के अंदर अपनी-अपनी रिपोर्ट सौंपें। विशेष रूप से मौसम विभाग से पिछले एक दशक का डेटा और अंचल कार्यालय से भूमि संबंधी दस्तावेज जल्द से जल्द जुटाने को कहा गया है।

क्या बदलेगा भागलपुर के लिए?

​अगर यह फिजिबिलिटी रिपोर्ट सकारात्मक रहती है, तो भागलपुर सीधे हवाई मार्ग से पटना, कोलकाता या रांची जैसे शहरों से जुड़ सकेगा। 19 सीटर छोटे विमानों (जैसे डोर्नियर या इसी श्रेणी के अन्य विमान) के संचालन से:

  • व्यापार को बढ़वा: सिल्क सिटी के कारोबारियों को बड़े शहरों तक पहुँचने में आसानी होगी।
  • इमरजेंसी सुविधा: स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन स्थितियों में हवाई मार्ग वरदान साबित होगा।
  • पर्यटन: विक्रमशिला और मंदार पर्वत जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँचना आसान होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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