नई दिल्ली में ‘बिहार पवेलियन’ की धूम: AI और निवेश का नया केंद्र बना बिहार; केंद्रीय मंत्री बोले- “बदलेगा विकास का मॉडल”

नई दिल्ली/पटना | 21 फरवरी, 2026: भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित ‘India AI Impact Summit and Expo 2026’ में बिहार एक नई पहचान के साथ उभर रहा है। ‘बिहार पवेलियन’ इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में निवेशकों और टेक दिग्गजों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। राज्य सरकार ने अपनी एआई (AI) आधारित नीतियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जिस अंदाज में पेश किया है, उसने देश-विदेश के निवेशकों को बिहार की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी का दौरा

​शुक्रवार को केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने बिहार पवेलियन का भ्रमण किया। विभिन्न स्टार्टअप्स और टेक प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद उन्होंने बिहार के बदलते स्वरूप की सराहना की।

​”बिहार अब केवल परंपराओं का राज्य नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित आधुनिक विकास का गंतव्य है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हम जल प्रबंधन, कृषि और शहरी सेवाओं को नई ऊंचाई दे सकते हैं। निवेशकों के लिए बिहार आज एक सुरक्षित और संभावनाओं से भरा ‘लैंड ऑफ अपॉर्चुनिटी’ है।”

डॉ. राज भूषण चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री

 

इन क्षेत्रों में निवेशकों ने दिखाई गहरी रुचि

​बिहार के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कम लागत वाले संचालन ढांचे (Low cost of operations) को देखते हुए कई बड़ी कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है। प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • एग्री-टेक (Agri-Tech): खेती में एआई का उपयोग कर उत्पादकता बढ़ाना।
  • स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट: जल संसाधनों का कुशल प्रबंधन।
  • हेल्थ-टेक और एडु-टेक: दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य और शिक्षा पहुँचाना।
  • डेटा सेंटर्स: राज्य में विकसित हो रहे आधुनिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा।

टाइगर एनालिटिक्स (Tiger Analytics) की बड़ी घोषणा

​समिट के दौरान Tiger Analytics के CEO श्री महेश कुमार ने बिहार के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में निवेश की रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बिहार के युवाओं को डेटा एनालिटिक्स और एआई में वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग देना है, ताकि वे केवल कर्मचारी नहीं बल्कि ‘इनोवेशन के अग्रदूत’ बनें।

प्रशासनिक दृष्टिकोण: पारदर्शिता और रोजगार पर जोर

​बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने निवेशकों को राज्य की नीतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में आश्वस्त किया:

  1. श्री अजय यादव (IAS), सचिव, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग: “बिहार का विशाल युवा वर्कफोर्स टेक सेक्टर के लिए एक मजबूत आधार है। हम प्रशासनिक कार्यों में एआई का समावेश कर पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ा रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।”
  2. श्री मनोज कुमार सिंह, CMD ऊर्जा विभाग: “नई तकनीक और एआई में निवेश से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी होगा। हम तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर रहे हैं।”

निष्कर्ष: डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ता बिहार

​समिट में बिहार की इस सक्रिय भागीदारी ने साफ संदेश दे दिया है कि राज्य अब एआई और इनोवेशन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा होने के लिए तैयार है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस और नीतिगत प्रोत्साहन ने बिहार को टेक कंपनियों के लिए एक ‘स्मार्ट चॉइस’ बना दिया है।

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