
द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर (20 फरवरी 2026)
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ठगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे मजबूर और जरूरतमंद यात्रियों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला एक ऐसे पिता से जुड़ा है जो अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए प्रयागराज जा रहे थे, लेकिन स्टेशन पर ही एक शातिर युवक ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठग लिया।
मदद के नाम पर की जालसाजी
कोदरा भिट्ठा निवासी सुबोध मंडल अपने बीमार बेटे के बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज जाने के लिए भागलपुर स्टेशन पहुंचे थे।
- स्मार्टफोन न होना पड़ा भारी: सुबोध के पास स्मार्टफोन नहीं था, इसलिए वे टिकट के लिए स्टेशन पर लगी ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) के पास गए।
- शातिर की चाल: मशीन के पास खड़े एक युवक ने मदद का झांसा दिया। सुबोध ने टिकट के लिए उसे ₹600 नकद दिए।
- धोखाधड़ी: शातिर युवक ने चालाकी दिखाई और उन्हें प्रयागराज का टिकट देने के बजाय मात्र ₹10-50 का प्लेटफॉर्म टिकट थमा दिया और वहां से रफूचक्कर हो गया।
15 दिनों में पांचवीं वारदात
स्टेशन परिसर में एटीवीएम मशीनों के पास यात्रियों के साथ धोखाधड़ी की यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं है।
- सक्रिय गिरोह: महज पिछले 15 दिनों के अंदर इस तरह की यह पांचवीं बड़ी घटना सामने आई है।
- अनपढ़ और बुजुर्ग निशाने पर: ठग अक्सर उन यात्रियों को निशाना बनाते हैं जो तकनीक से अनभिज्ञ हैं या जिनके पास डिजिटल भुगतान की सुविधा नहीं है।
रेलवे प्रशासन की तैयारी
घटना के बाद पीड़ित सुबोध मंडल ने रेलवे के वरीय अधिकारियों से मिलकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
- कमिर्शियल इंस्पेक्टर फुल कुमार शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि अब एटीवीएम मशीनों के पास रेल कर्मियों द्वारा नियमित रूप से पैनी नजर रखी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
द वॉयस ऑफ बिहार की अपील: रेल यात्री टिकट लेते समय अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें। यदि मशीन चलाने में दिक्कत हो, तो केवल वर्दीधारी रेल कर्मी या अधिकृत ‘फैसिलिटेटर’ की ही मदद लें।
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