बिहार विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन बुधवार को सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, कार्यवाही शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
विपक्ष की तैयारी
विपक्षी दल के विधायक सदन में मंत्री अशोक चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर हंगामा कर सकते हैं। उनका आरोप है कि सरकार कई महत्वपूर्ण मामलों पर जवाब देने से बच रही है और जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी कर रही है। इसके अलावा, जदयू के विधायक सुनील कुमार से माफी की मांग भी जोर पकड़ सकती है।
विपक्ष की योजना है कि प्रश्नकाल और अन्य चर्चा के दौरान सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाए।
प्रश्नकाल में उठेंगे अहम सवाल
आज के प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण विभागों से सवाल पूछे जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- ग्रामीण कार्य विभाग
- ग्रामीण विकास विभाग
- पंचायती राज विभाग
- जल संसाधन विभाग और लघु जल संसाधन विभाग
- पथ निर्माण विभाग
- भवन निर्माण विभाग
- श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग
सवालों का फोकस विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट खर्च और जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति पर होगा। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
अनुपूरक बजट पर चर्चा
सत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 से जुड़ी अनुपूरक बजट मांगों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त बजट की मांग और उसके औचित्य पर वाद-विवाद होगा। सरकार अपने पक्ष को रखेगी, वहीं विपक्ष खर्च की पारदर्शिता और जरूरत पर सवाल उठा सकता है।
सदन की कार्यवाही
बताया जा रहा है कि पहले हाफ में प्रश्नकाल और जरूरी सरकारी कार्यों को निपटाया जाएगा, जबकि दूसरे हाफ में बजट और अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होगी। हालांकि, अगर हंगामा बढ़ता है तो सदन की कार्यवाही बाधित होने की संभावना भी बनी हुई है।
राजनीतिक माहौल
बजट सत्र को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा, वहीं सरकार विकास कार्यों और योजनाओं के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है। ऐसे में बुधवार का दिन सदन के लिए काफी अहम माना जा रहा है और सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।


