पटना बैंक घोटाले का ‘मास्टरमाइंड’ 24 साल बाद धराया: साहिबगंज में छिपा था कटिहार का अब्दुल गनी; 10 करोड़ का किया था गबन, मोबाइल लोकेशन से CBI ने दबोचा

पटना/साहिबगंज | पटना के एक बैंक में 10 करोड़ रुपये का घोटाला करने वाला आरोपी अब्दुल गनी आखिरकार सीबीआई के हत्थे चढ़ गया। वह पिछले 24 सालों से पुलिस और सीबीआई को चकमा दे रहा था। शनिवार की रात सीबीआई की स्पेशल टीम ने झारखंड के साहिबगंज में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

1. मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, आधी रात को रेड

​सीबीआई को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी साहिबगंज के जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के अंजुमन नगर में छिपा है।

  • ट्रेसिंग: टीम लगातार उसका मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रही थी। जैसे ही लोकेशन कंफर्म हुई, सीबीआई ने स्थानीय पुलिस की मदद ली।
  • छापेमारी: जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह और मुफस्सिल थाना प्रभारी अनीश कुमार पांडेय के साथ मिलकर टीम ने घर को घेरा और गनी को दबोच लिया।

2. 2002 से थी तलाश, कटिहार का है रहने वाला

​गिरफ्तार अब्दुल गनी मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले का रहने वाला है।

  • अपराध: उस पर साल 2002 में पटना के एक बैंक से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
  • फरारी: वह घटना के बाद से ही फरार था और ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था। सीबीआई 2002 से ही उसकी तलाश में थी।

3. पटना ले गई टीम

​गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की दो सदस्यीय टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रविवार सुबह पटना के लिए रवाना हो गई। अब पटना में उससे पूछताछ होगी और घोटाले की परतों का खुलासा किया जाएगा।

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