भागलपुर | अपराधियों में खौफ पैदा करने और पुलिसिंग को चुस्त रखने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार शुक्रवार की रात खुद फील्ड में निकले। उनके साथ सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) भी मौजूद थे। एसएसपी ने शहर के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर डायल 112 और थाने की गश्ती गाड़ियों की हकीकत जांची।
इन 8 थानों का हुआ रियलिटी चेक
एसएसपी की गाड़ी कब, किस थाने के सामने रुक जाए, किसी को पता नहीं था। उन्होंने एक के बाद एक इन थाना क्षेत्रों का जायजा लिया:
- तिलकामांझी
- जोगसर
- तातारपुर
- कोतवाली
- मुजाहिदपुर
- बबरगंज
- बाईपास
- जीरोमाइल
क्या मिला निरीक्षण में?
एसएसपी ने बताया कि निरीक्षण का मकसद पुलिस को ‘अलर्ट मोड’ में रखना था।
- संतरी और गश्ती: राहत की बात यह रही कि ज्यादातर थानों में संतरी पोस्ट पर तैनात जवान और गश्ती गाड़ियों के पदाधिकारी चौकन्ने (Alert) पाए गए।
- सुधार के निर्देश: जहां थोड़ी-बहुत कमी या सुस्ती दिखी, वहां एसएसपी ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई और व्यवस्था को तुरंत सुधारने का निर्देश दिया।
मैसेज साफ- ‘क्राइम कंट्रोल’ ही प्राथमिकता
एसएसपी प्रमोद कुमार ने साफ कर दिया है कि रात्रि गश्ती में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- उन्होंने निर्देश दिया कि डायल 112 की गाड़ियां सिर्फ खड़ी न रहें, बल्कि लगातार मूवमेंट में रहें ताकि अपराधियों में डर बना रहे।
- पुलिस का मकसद सिर्फ हाजिरी लगाना नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना है।


