पटना | बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों, रिटायर्ड कर्मियों और उनके आश्रितों को बड़ा तोहफा दिया है। अब उन्हें इलाज के लिए अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। विधानसभा में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि सरकार ‘कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा’ लागू करेगी। इसका सीधा फायदा राज्य के 10 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा।
विधायकों और पूर्व विधायकों को भी मिलेगा लाभ
यह सुविधा सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी।
- राज्य के वर्तमान विधायकों (MLAs) और पूर्व विधायकों को भी अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
- उनके आश्रित भी इस दायरे में आएंगे।
स्पीकर ने कहा- एक हफ्ते में फैसला लें, सम्राट बोले- डन!
सदन में यह मामला विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और जिवेश मिश्र ने उठाया था।
- पीड़ा: सदस्यों ने कहा कि अभी ‘प्रतिपूर्ति’ (Reimbursement) की व्यवस्था है, यानी पहले पैसा खर्च करो, फिर बिल पास करवाओ। इसमें बहुत परेशानी होती है।
- निर्देश: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी से सख्त लहजे में कहा कि “एक सप्ताह के अंदर इस पर निर्णय लें।”
- ऐलान: इस पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने खड़े होकर भरोसा दिलाया- “कैशलेस सुविधा दी जाएगी, इसमें कोई दो राय (Two-mat) नहीं है।”
अब तक क्या होता था?
वर्तमान में बिहार सरकार के कर्मियों को इलाज का पैसा पहले खुद देना पड़ता है। बाद में वे बिल जमा करते हैं और महीनों बाद पैसा वापस (Reimbursement) मिलता है। नई व्यवस्था में अस्पताल में सिर्फ कार्ड या आईडी दिखाने पर इलाज शुरू हो जाएगा, भुगतान सरकार सीधे अस्पताल को करेगी।


