
पटना | बिहार के किसानों और कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। ऊर्जा विभाग के सचिव और पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों की पेंच कसी। उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि प्रमंडल, अवर प्रमंडल और सेक्शन स्तर पर कैंप लगाए जाएं और मौके पर ही आवेदन लिए जाएं।
1. खेत और छत दोनों होंगे रोशन
समीक्षा बैठक में सचिव ने दो टूक कहा कि काम में तेजी आनी चाहिए।
- किसानों के लिए: ‘मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना-II’ के तहत जिन किसानों को खेत में पानी के लिए बिजली कनेक्शन चाहिए, उनका आवेदन कैंप में लिया जाएगा।
- गरीबों के लिए: कुटीर ज्योति वाले उपभोक्ताओं की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए भी कैंप में ही सहमति पत्र (Consent Form) भरवाया जाएगा।
2. ढाई लाख घरों में सोलर का लक्ष्य
विभाग का प्लान बड़ा है। पहले चरण में करीब ढाई लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य है।
- अभी तक ‘सुविधा ऐप’ से ऑनलाइन सहमति ली जा रही थी।
- अब सचिव ने टारगेट दिया है कि हर प्रमंडल से कैंप लगाकर कम से कम 5,000 सहमति पत्र तुरंत जमा किए जाएं।
3. क्वालिटी से समझौता नहीं, हेडक्वार्टर करेगा ‘सरप्राइज चेक’
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि सिर्फ काम पूरा करना मकसद नहीं है, क्वालिटी भी चाहिए।
- SOP का पालन: किसी भी प्रोजेक्ट को चालू (Commissioning) करने से पहले उसकी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) के तहत जांच होगी।
- औचक निरीक्षण: पटना मुख्यालय से टीमें अचानक फील्ड में पहुंचेंगी और क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगी।
- संवेदनशीलता: सचिव ने कहा, “बिजली सेवा 24×7 और अति-संवेदनशील है। तार, पोल, ट्रांसफॉर्मर से लेकर सब-स्टेशन तक, हर चीज की क्वालिटी परफेक्ट होनी चाहिए।”
4. डेडलाइन: मार्च 2026
बैठक में ‘सात निश्चय-2’ के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा हुई। सचिव ने निर्देश दिया है कि मार्च 2026 तक हर हाल में सभी प्रोजेक्ट्स पूरे कर लिए जाएं।
बैठक में कौन-कौन थे?
इस अहम बैठक में साउथ बिहार (SBPDCL) के एमडी महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार (NBPDCL) के एमडी राहुल कुमार समेत विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।


