पटना। देश के दो प्रमुख तकनीकी संस्थानों एनआईटी पटना और आईआईआईटी भागलपुर के बीच अकादमिक और शोध सहयोग को मजबूत करने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता एनआईटी पटना परिसर में 5 फरवरी 2026 को संपन्न हुआ।
समझौते के तहत दोनों संस्थान अब संयुक्त रूप से रिसर्च प्रोजेक्ट, अकादमिक कार्यक्रम, फैकल्टी व स्टूडेंट एक्सचेंज और तकनीकी नवाचार से जुड़े कार्यक्रम चलाएंगे। इस पहल को उच्च शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दोनों निदेशकों की मौजूदगी में हुआ समझौता
एमओयू पर एनआईटी पटना के निदेशक प्रो. पी.के. जैन और आईआईआईटी भागलपुर के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और संकाय सदस्य भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि यह साझेदारी सिर्फ औपचारिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर संयुक्त शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इन क्षेत्रों में साथ काम करेंगे दोनों संस्थान
एमओयू के तहत कई प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है —
- संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और इनोवेशन गतिविधियां
- पीजी और पीएचडी स्कॉलर्स का ज्वाइंट सुपरविजन
- फैकल्टी और छात्रों का आदान-प्रदान कार्यक्रम
- संयुक्त वर्कशॉप, सेमिनार और शॉर्ट टर्म कोर्स
- लैब और लाइब्रेरी संसाधनों का साझा उपयोग
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इंडस्ट्री कनेक्ट कार्यक्रम
- इंटर्नशिप और विजिटिंग स्टूडेंट प्रोग्राम
तकनीकी शिक्षा और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
दोनों संस्थानों के अधिकारियों ने कहा कि यह साझेदारी इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देगी और छात्रों को बेहतर एक्सपोजर मिलेगा। इससे शोध आधारित नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत होगी।
यह एमओयू उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग मॉडल को मजबूत करने और देश में तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


