
पटना।अब खेती सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं रही। बागवानी किसानों की आय बढ़ाने का सबसे तेज और भरोसेमंद जरिया बनती जा रही है। इसी सोच को मजबूती देने के लिए बिहार सरकार का कृषि विभाग 6 से 8 फरवरी तक पटना के गांधी मैदान में बागवानी महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस महोत्सव को किसानों, युवाओं और उद्यमियों के लिए ज्ञान, नवाचार और अवसरों का संगम बताया है। उन्होंने राज्य के किसानों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
क्यों खास है यह महोत्सव?
कृषि मंत्री के मुताबिक,
बागवानी अब केवल खेती नहीं, बल्कि कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय बन चुका है। इससे—
- किसानों की आमदनी बढ़ रही है
- ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल रहा है
- महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं
यहां दिखेगी बागवानी की पूरी दुनिया
तीन दिवसीय महोत्सव में आम लोग और किसान आधुनिक बागवानी तकनीकों को एक ही जगह देख और समझ सकेंगे। प्रदर्शनी में शामिल होंगे—
- सब्ज़ी और फल की उन्नत किस्में
- मशरूम उत्पादन तकनीक
- फल संरक्षण व प्रोसेसिंग उत्पाद
- शहद और पान के पत्ते
- गमलों में शोभाकार पौधे और बोनसाई
- कैक्टस और सक्युलेंट पौधे
- मौसमी फूलों के पौधे
- विभिन्न किस्मों के पाम
- कटे फूल और पुष्प सज्जा
- औषधीय और सुगंधित पौधे
छात्रों और आम लोगों के लिए प्रतियोगिताएं
महोत्सव में केवल किसान ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए भी आकर्षण रहेगा।
यहां होंगे—
- चित्रकला प्रतियोगिता
- क्विज प्रतियोगिता
ताकि नई पीढ़ी को भी खेती और बागवानी से जोड़ा जा सके।
बागवानी बनेगी रोजगार का नया इंजन
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि—
सरकार आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और योजनाओं के जरिए बागवानी को वैज्ञानिक और व्यावसायिक खेती का रूप दे रही है। इससे राज्य में कृषि आधारित स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।


