बिहार में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, बजट 2026-27 में बड़ा ऐलान

पटना। बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए राज्य के औद्योगिक भविष्य को लेकर बड़े और महत्वाकांक्षी ऐलान किए हैं। बजट में बिहार में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क की स्थापना की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बिहार को देश के औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

गौरतलब है कि 25 नवंबर को नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क के लिए समिति गठित करने को मंजूरी दी गई थी। अब बजट में इसका औपचारिक ऐलान कर सरकार ने संकेत दे दिया है कि इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया जाएगा।

डिफेंस कॉरिडोर बिहार के कई जिलों को जोड़ने वाला एक प्रमुख औद्योगिक मार्ग होगा, जहां रक्षा क्षेत्र से जुड़ी विनिर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इस कॉरिडोर में सेना और सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक उपकरण और हथियार बनाने वाली सरकारी एवं निजी कंपनियां निवेश करेंगी।

प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर में मुंगेर, कैमूर, जमुई, बांका और अरवल जैसे जिले शामिल हो सकते हैं। इन जिलों का ऐतिहासिक रूप से हथियार निर्माण से संबंध रहा है। यहां आधुनिक हथियारों के साथ-साथ सैन्य वर्दी, ड्रोन, तोप, AK-47, कार्बाइन, पिस्टल और स्नाइपर राइफल जैसे उत्पादों के निर्माण की संभावना है।

वर्तमान में नालंदा जिले में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के अंतर्गत एक फैक्ट्री संचालित है, जो देश की इकलौती इकाई है जहां बाय मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम (BMCS) का उत्पादन होता है। BMCS का उपयोग बोफोर्स सहित कई तोपों में किया जाता है और इसका निर्यात भी किया जाता है।

मुंगेर का इतिहास भी हथियार निर्माण से गहराई से जुड़ा रहा है। वर्ष 1760 में मीर कासिम द्वारा यहां बंदूक कारखाने की स्थापना की गई थी। अंग्रेजी शासनकाल में भी मुंगेर में गन फैक्ट्री संचालित रही। वर्तमान में भी यहां हथियारों का निर्माण होता है, हालांकि अवैध हथियारों की छवि के कारण इसकी पहचान प्रभावित होती रही है। डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मुंगेर को उसकी पुरानी औद्योगिक पहचान वापस मिलेगी।

सरकार का कहना है कि डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क जैसी परियोजनाएं बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी और युवाओं को राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगी।


 

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