बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के कुमारबाग थाना क्षेत्र से सामने आए एक बेहद संवेदनशील मामले में बेतिया पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। एक साथ पांच नाबालिग लड़कियों के लापता होने से इलाके में भय और चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने महज 24 घंटे के भीतर सभी लड़कियों को सकुशल बरामद कर लोगों का भरोसा कायम रखा।
क्या है पूरा मामला?
घटना कुमारबाग थाना अंतर्गत लखौरा वार्ड संख्या–8 की है, जहां से पांच नाबालिग लड़कियां अचानक लापता हो गई थीं। परिजनों की शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत विशेष जांच टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ मानवीय खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया।
दिल्ली तक चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस टीम ने बेतिया से लेकर गोरखपुर और दिल्ली के रेलवे स्टेशनों तक सघन जांच अभियान चलाया। विभिन्न स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। बताया गया कि लापता लड़कियों में से एक के पास मोबाइल फोन था, जिसके आधार पर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन ट्रैकिंग से अहम सुराग मिले। इन्हीं सूचनाओं के सहारे पुलिस दिल्ली पहुंची और वहां से सभी पांचों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस की हो रही जमकर सराहना
इस सफल अभियान के बाद पूरे क्षेत्र में बेतिया पुलिस की प्रशंसा हो रही है। लोग पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन और एसडीपीओ विवेक दीप की कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं। इससे पहले भी पुलिस ने एक अपहृत बालक को मात्र 6 घंटे के भीतर बरामद कर मिसाल पेश की थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील अधिकारियों की मौजूदगी से आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है। पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा बढ़ाती है, बल्कि अपराधियों के लिए भी कड़ा संदेश है।


