पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। पहले ही दिन राजधानी से लेकर जिलों तक सख्ती का असर दिखा। सुबह 9 बजते ही गेट बंद, उसके बाद आए विद्यार्थियों को किसी भी हाल में अंदर नहीं जाने दिया गया। कई केंद्रों पर छात्र-छात्राएं रोते रहे, अभिभावकों ने हंगामा किया, लेकिन नियमों के आगे किसी की नहीं चली।
सुबह से ही उमड़ी भीड़, 9 बजते ही बंद हुए गेट
राजधानी के परीक्षा केंद्रों पर छात्र सुबह 7:30 बजे से पहुंचने लगे थे।
- 8:30 से 8:59 बजे तक प्रवेश मिला
- 9:00 बजे गेट बंद
- उसके बाद पहुंचे विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिला
बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन छात्राएं कुछ मिनट देरी से पहुंचीं—लेकिन गेट बंद मिलते ही उनके सपने वहीं रुक गए। दो छात्राएं तो गेट फांदकर अंदर चली गईं।
इन केंद्रों पर देरी से पहुंचे छात्रों को नहीं मिला मौका
- रघुनाथ बालिका उच्च माध्यमिक, कंकड़बाग – 10
- कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक – 10
- राजेंद्र बालक उच्च माध्यमिक – 4
- पटना कॉलेजिएट – 3
- बीएन कॉलेजिएट स्कूल – 4
बांकीपुर केंद्र पर फुलवारीशरीफ और गर्दनीबाग की तीन छात्राएं 5 मिनट देरी से पहुंचीं। गेट बंद था, वे फूट-फूटकर रोने लगीं। अभिभावकों ने हंगामा किया, लेकिन 9:30 बजे परीक्षा शुरू होते ही लाउडस्पीकर से भीड़ हटने की घोषणा कर दी गई।
दो बार जांच, 15 मिनट का अतिरिक्त समय
- गेट पर मजिस्ट्रेट की निगरानी में तलाशी
- चिट-पुर्जे व मोबाइल मिलने पर चेतावनी
- प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय
पहले दिन 26 निष्कासित, एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया
राज्यभर में कदाचार के आरोप में 26 छात्र निष्कासित किए गए।
- नवादा – 13
- जहानाबाद – 3
- गोपालगंज – 3
- मधेपुरा – 2
- भागलपुर – 2
- गया – 1
- अररिया – 1
- कटिहार – 1
शेखपुरा में दूसरे के बदले परीक्षा देते एक छात्र पकड़ा गया।
डीईओ की गाड़ी पर हमला
कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, यारपुर में निरीक्षण पर पहुंचे डीईओ साकेत रंजन को अभिभावकों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
- हेलमेट से उनकी गाड़ी का पिछला शीशा तोड़ा गया
- आरोप: एडमिट कार्ड पर केंद्र का गलत पता, इसलिए देर
डीईओ ने पुनः अवसर का आश्वासन दिया, लेकिन अभिभावक नहीं माने। हालात बिगड़ने से पहले वे वहां से चले गए।
इंटर परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी।
पहले ही दिन साफ हो गया—इस बार नियमों में कोई ढील नहीं।
“समय पर नहीं पहुंचे तो परीक्षा भी नहीं”—बिहार बोर्ड का कड़ा संदेश!


