मालदा, 2 फरवरी 2026।पूर्व रेलवे के मालदा मंडल में आरपीएफ ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है। यह कार्रवाई मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडलीय सुरक्षा आयुक्त श्री आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में की गई।
कैसे सामने आया मामला
बरहवारा रेलवे स्टेशन पर सामान्य निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 08:20 बजे, आरपीएफ कर्मियों की नजर ट्रेन संख्या 15734 डाउन फरक्का एक्सप्रेस के आरक्षित कोच पर पड़ी। कोच के अंदर एक तीन महीने का मासूम बच्चा और आठ साल की एक बच्ची अकेले पाए गए।
बिना किसी अभिभावक के दोनों बच्चों को देखकर आरपीएफ ने तुरंत सतर्कता बरती और रेलवे के मानक सुरक्षा प्रावधानों के अनुसार उन्हें संरक्षण में लिया।
बाल संरक्षण इकाई को सौंपे गए बच्चे
सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं और सुरक्षा प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दोनों बच्चों को बाल संरक्षण मंथन, बरहवारा (साहिबगंज) के हवाले कर दिया गया, ताकि आगे की देखभाल और जांच सुनिश्चित की जा सके।
आरपीएफ की संवेदनशील पहल
यह घटना दिखाती है कि आरपीएफ केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी निभा रही है। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते जैसे अभियानों के जरिए रेलवे परिसर में भटके, बेसहारा और जोखिम में पड़े बच्चों को नई जिंदगी का मौका मिल रहा है।
मालदा मंडल की यह कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि सतर्कता और संवेदनशीलता से कई मासूम जिंदगियों को बचाया जा सकता है।


