बिहार में रेलवे का कायाकल्प: 9 गुना बजट, तेज रफ्तार कनेक्टिविटी और आधुनिक स्टेशन

बिहार में रेलवे ढांचे को लेकर बीते एक दशक में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। 2009-14 के मुकाबले 2026-27 में रेल बजट का औसत आवंटन करीब 9 गुना बढ़ गया है, जिससे ट्रैक, स्टेशन, सुरक्षा और हाई-एंड ट्रेन सेवाओं में जबरदस्त निवेश हो रहा है।


1) बजट में ऐतिहासिक उछाल

अवधि सालाना औसत आवंटन (करोड़ ₹)
2009-14 1,132
2026-27 10,379
वृद्धि 9 गुना

2) इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव

  • कुल चल रहे प्रोजेक्ट:1,09,158 करोड़
  • कार्यों में: नए ट्रैक, स्टेशन पुनर्विकास, सिग्नलिंग-सुरक्षा अपग्रेड

3) अमृत स्टेशन योजना: यात्रियों का अनुभव बदलेगा

  • कुल चुने गए स्टेशन: 98
  • निवेश:3,287 करोड़
  • पूरे हो चुके: थावे, पीरपैंती
  • सुविधाएं: आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्लेटफॉर्म, दिव्यांग-फ्रेंडली एक्सेस, डिजिटल सूचना प्रणाली

4) प्रीमियम ट्रेन सेवाओं का विस्तार

  • वंदे भारत एक्सप्रेस: 14 जोड़ी
  • अमृत भारत एक्सप्रेस: 21 जोड़ी
  • नमो भारत एक्सप्रेस: 1 जोड़ी

इन सेवाओं से तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा संभव हुई है।


5) नेटवर्क विस्तार और 100% विद्युतीकरण

  • नए ट्रैक (2014 के बाद): ~2,000 किमी
    • यह कई देशों के पूरे रेल नेटवर्क से भी अधिक है।
  • विद्युतीकरण: 3,330 किमी लाइनों का विद्युतीकरण
  • राज्य: 100% रेल विद्युतीकृत
  • फ्लाईओवर/अंडरपास: 568

6) सुरक्षा में ‘कवच’ टेक्नोलॉजी

(आंकड़े RKm में)

  • काम/टेंडर में: 802
  • कुल स्वीकृत: 1,149

कवच सिस्टम से टक्कर रोकथाम और परिचालन सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।


निष्कर्ष

बिहार में रेलवे अब केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि विकास का इंजन बन रहा है—तेज बजट वृद्धि, आधुनिक स्टेशन, प्रीमियम ट्रेनें, पूर्ण विद्युतीकरण और स्मार्ट सुरक्षा के साथ राज्य की कनेक्टिविटी नई ऊंचाइयों पर है।

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