मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले में भारत–नेपाल सीमा पर पुलिस ने जाली नोटों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार नेपाल में होने वाले आगामी चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से भारतीय और नेपाली मुद्रा के नकली नोट छापे जा रहे थे। हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में अब तक 10 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर शुरू हुआ अभियान
रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नेपाल के रास्ते रक्सौल क्षेत्र में जाली नोटों की बड़ी डील होने वाली है। इसके बाद हरैया थाना क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान बौधी माई स्थान के पास बाइक सवार दो युवकों को रोका गया। तलाशी में उनके पास से 18,500 रुपये के भारतीय जाली नोट बरामद हुए।
“सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 25 लाख रुपये के नेपाली और 18,500 रुपये के भारतीय जाली नोट बरामद हुए।” – मनीष आनंद, एसडीपीओ, रक्सौल
पूछताछ के बाद मेजरगंज में छापेमारी
गिरफ्तार युवकों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह का नेटवर्क सीतामढ़ी के मेजरगंज इलाके से संचालित हो रहा है। डीआईओ और एसएसबी की मदद से वहां छापेमारी की गई, जहां से—
- 25 लाख रुपये के नेपाली जाली नोट
- एक कार, बाइक
- नोट छापने में प्रयुक्त केमिकल
बरामद किए गए और आठ अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
गिरोह का मास्टरमाइंड राकेश सिंह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का सरगना राकेश सिंह है, जो हाल ही में जेल से बाहर आया था। वह पहले भी जाली नोट मामले में 17 वर्षों तक जेल में रह चुका है और जेल के अंदर से भी नेटवर्क चला रहा था। गिरोह में 20 से अधिक सदस्य सक्रिय बताए जा रहे हैं।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार तस्करों में शामिल मो. असलम ने स्वीकार किया कि वह पहले भी जाली नोट तस्करी में एक वर्ष जेल जा चुका है। गिरोह पिछले एक साल से मेजरगंज से नेपाल में नकली नोटों की सप्लाई कर रहा था। यह उनकी पहली बड़ी खेप थी, जो पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
गिरफ्तार तस्करों की सूची
हरैया थानाध्यक्ष के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- तिलक बहादुर थिंग (नेपाल)
- सरोज कुमार (नेपाल)
- दिलीप कुमार सिंह (मधुबनी)
- श्रीदेव महतो (नेपाल)
- रौशन कुमार (सीतामढ़ी)
- राकेश सिंह (सीतामढ़ी)
- साहेब कुमार उर्फ लाल (सीतामढ़ी)
- साजन कुमार (नेपाल)
- विकास कुमार पटेल (सीतामढ़ी)
- मो. असलम (सीतामढ़ी)
“गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नेपाली–भारतीय जाली नोट, वाहन और केमिकल बरामद हुए हैं।” – किशन कुमार पासवान, थानाध्यक्ष
भारत–नेपाल सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता
पुलिस की इस कार्रवाई को दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है। नेपाल चुनाव में नकली नोटों के संभावित दुरुपयोग को इससे बड़ा झटका लगा है।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके।
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