भारत ने अब तक 170 मिलियन डॉलर की विकास सहायता दी, 40 मिलियन डॉलर की परियोजनाएं चल रही हैं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलिस्तीन के विदेश मंत्री एवं प्रवासी मामलों के प्रभारी डॉ. वारसेन आघाबेकियन शाहीन से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में राजनीतिक हालात लगातार बदल रहे हैं और शांति प्रयासों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत–फिलिस्तीन संबंधों, विकास सहयोग और भविष्य की साझेदारियों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत लंबे समय से फिलिस्तीन का भरोसेमंद विकास साझेदार रहा है और आगे भी यह सहयोग जारी रहेगा।
170 मिलियन डॉलर की मदद, कई परियोजनाएं जमीन पर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत अब तक फिलिस्तीन को 170 मिलियन अमेरिकी डॉलर की विकास सहायता दे चुका है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इनमें से करीब 40 मिलियन डॉलर की परियोजनाएं फिलहाल फिलिस्तीन में क्रियान्वयन के चरण में हैं।
संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से भी सहयोग
भारत ने फिलिस्तीन को न केवल द्विपक्षीय रूप से, बल्कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के माध्यम से भी सहायता दी है। इससे वहां के नागरिकों तक सीधे मदद पहुंचाने में सहूलियत मिली है।
अरब लीग नेताओं से भी की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर लीग ऑफ अरब स्टेट्स की बैठक में शामिल नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, शांति प्रयासों और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत की नीति: शांति और विकास पर जोर
भारत लगातार यह संदेश देता रहा है कि पश्चिम एशिया में शांति, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान है। फिलिस्तीन के साथ मजबूत संबंध इसी नीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
यह मुलाकात भारत की संतुलित विदेश नीति और वैश्विक मंच पर उसकी सक्रिय भूमिका को भी दर्शाती है।


