पटना। अब बच्चों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों को ब्रह्मांड देखने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। राजधानी के तारामंडल में एक जाइंट टेलिस्कोप लगाया जा रहा है, जिससे ग्रहों, उनके चंद्रमाओं, सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण को प्रत्यक्ष देखा जा सकेगा।
यह टेलिस्कोप अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा और इससे मंगल, बृहस्पति, शनि जैसे ग्रहों की मूवमेंट को ट्रैक किया जा सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस टेलिस्कोप की मदद से आकाश में होने वाली हर खगोलीय गतिविधि की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
एक करोड़ की लागत से लग रहा हाईटेक टेलिस्कोप
तारामंडल में स्थापित होने वाला यह टेलिस्कोप करीब एक करोड़ रुपये की लागत से लगाया जा रहा है। इसमें हाई पावर लेंस, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और एडवांस ऑप्टिकल तकनीक होगी, जिससे दूर स्थित ग्रह और तारे भी साफ नजर आएंगे।
ग्रहों के ‘सीक्रेट मूवमेंट’ पर नजर
इस टेलिस्कोप से वैज्ञानिक अन्य ग्रहों और उनके चंद्रमाओं की गति पर अध्ययन कर सकेंगे। यह बच्चों के लिए किसी डोरस्टेप स्पेस एडवेंचर से कम नहीं होगा, जहां वे अपने शहर से ही ब्रह्मांड को नजदीक से देख पाएंगे।
साइंस सेंटर में पहले से हैं मूवेबल टेलिस्कोप
पटना के साइंस सेंटर में पहले से ही
- एक कम्पाउंड टेलिस्कोप
- दो रिफ्रेक्टर मूवेबल टेलिस्कोप
स्थापित हैं, जिनसे छात्र खगोल विज्ञान की शुरुआती जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
लेकिन तारामंडल में लगने वाला नया टेलिस्कोप फिक्स्ड इंस्टॉलेशन होगा और इसकी क्षमता कहीं ज्यादा होगी।
सूर्य और चंद्रग्रहण का प्रत्यक्ष दर्शन
नोडल अधिकारी शिवशंकर सहाय ने बताया कि इस जाइंट टेलिस्कोप से
- सूर्यग्रहण
- चंद्रग्रहण
को बेहद स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि तारामंडल में आने वाले बच्चों और विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा बेहद ज्ञानवर्धक होगी और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि और बढ़ाएगी।
अब पटना के लोग अपने ही शहर से आकाशगंगा की सैर कर सकेंगे और ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से जान पाएंगे।


