मोतिहारी।बिहार रेल पुलिस ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। सप्तक्रांति एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को जब अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई तो यात्रियों की सूचना पर GRP ने फौरन मोर्चा संभाला। मोतिहारी स्टेशन पर एंबुलेंस तैयार मिली और महिला को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
दिल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही थी पिंकी
महिला की पहचान पिंकी कुमारी उर्फ फूलजहां खातून (19) के रूप में हुई है। वह दिल्ली से सप्तक्रांति एक्सप्रेस (12558) से अपनी मां आमना खातून और पिता के साथ मुजफ्फरपुर के खमाई पटी (मीनापुर) अपने मायके आ रही थीं।
सुबह के समय मोतिहारी के पास ट्रेन में ही उन्हें तेज दर्द शुरू हो गया। महिला की चीख सुनकर यात्रियों ने तुरंत GRP को सूचना दी।
स्टेशन पर पहले से खड़ी थी एंबुलेंस
जैसे ही ट्रेन बापूधाम मोतिहारी स्टेशन पर पहुंची, GRP की टीम पहले से तैयार थी।
RPF इंस्पेक्टर अनिल सिंह ने बताया—
“यात्रियों से सूचना मिलते ही मोतिहारी सदर अस्पताल को अलर्ट कर दिया गया था। 10 मिनट में 108 एंबुलेंस स्टेशन पहुंच गई। महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।”
30 मिनट में कराई गई सुरक्षित डिलीवरी
सदर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बताया—
“यह इमरजेंसी केस था। हमारी टीम ने 30 मिनट में सफल डिलीवरी कराई। बच्चा 2.9 किलो का है। मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।”
नवजात को एनआईसीयू में रखा गया है, जबकि मां को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
पति की मौत के बाद मायके लौट रही थी
फूलजहां की मां आमना खातून ने रोते हुए बताया—
“मेरी बेटी का पति छोटू कुमार 5 महीने पहले गुजर गया था। दिल्ली में मजदूरी करता था। अब बेटी विधवा होकर मायके लौट रही थी।
ट्रेन में दर्द हुआ तो लगा सब खत्म हो गया, लेकिन भगवान ने बचा लिया। रेल पुलिस और डॉक्टरों का धन्यवाद।”
GRP और रेलवे की तत्परता से बची दो जिंदगियां
इस घटना ने साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में अगर सिस्टम सक्रिय हो जाए, तो चमत्कार भी संभव है।


