सरकारी उपेक्षा का शिकार बटेश्वर स्थान जाने वाली सड़क, वर्षों से बदहाल हालात से जूझ रहे श्रद्धालु

भागलपुर | कहलगांव: कहलगांव अनुमंडल क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बटेश्वर स्थान तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जर्जर सड़क से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यह सड़क सरकारी सुविधाओं से उपेक्षित बनी हुई है।

उत्तरायण गंगा के पावन तट पर स्थित बटेश्वर स्थान में प्रभु श्रीराम के गुरु महर्षि वशिष्ठ द्वारा स्थापित वशिष्ठईश्वर नाथ मंदिर विराजमान है, जो आध्यात्मिक और पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थल पर महर्षि वशिष्ठ, कोहल ऋषि एवं अष्टावक्र ऋषि जैसे महान तपस्वियों ने साधना की थी। यह स्थान प्रभु श्रीराम के जन्म से भी जुड़ा हुआ बताया जाता है।

वशिष्ठईश्वर नाथ मंदिर के सामने मां काली का दक्षिणमुखी मंदिर स्थित है, जबकि मंदिर के उत्तर दिशा में गंगा तट पर श्मशान घाट मौजूद है, जिसे प्राचीन काल में तंत्र साधना और सिद्धि का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। मंदिर परिसर से सटा हुआ आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संरक्षित पुरातात्विक स्थल भी मौजूद है, वहीं विश्व प्रसिद्ध प्राचीन शिक्षा केंद्र विक्रमशिला विश्वविद्यालय का अवशेष लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इतने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के बावजूद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए न तो समुचित सड़क व्यवस्था है और न ही ठहरने की पर्याप्त सुविधाएं। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक बटेश्वर स्थान पहुंचते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल एवं पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर बटेश्वर स्थान और विक्रमशिला विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क निर्माण, सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, दोनों स्थलों पर पर्यटकों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास, कहलगांव के तीन पहाड़ी से बटेश्वर तक मोटर बोट सेवा शुरू करने तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र अमल किया जाता है तो यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक विकास का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है।

बाइट — दिलीप मिश्रा, भाजपा नेता
“बटेश्वर स्थान और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास बेहद जरूरी है। सड़क, रोशनी और ठहरने की सुविधा मिलने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।”

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