नवगछिया (भागलपुर): नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अस्पताल छोड़कर बाहर एक निजी मेडिकल दुकान में बैठकर मरीजों का इलाज करते पाए गए, जबकि अस्पताल की इमरजेंसी में दर्जनों मरीज इलाज के लिए घंटों इंतज़ार करते रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। बताया जाता है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अफ़ज़ल हुसैन अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर एक निजी मेडिकल में अन्य मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ लगी रही, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे।
इमरजेंसी में मरीजों के लंबे इंतज़ार से नाराज़ होकर वहां मौजूद लोगों ने विरोध जताया और मामले की सूचना अस्पताल प्रबंधक जितेंद्र कुमार सिंह को दी। सूचना मिलते ही जब अस्पताल प्रबंधक मौके पर पहुंचे, तो संबंधित चिकित्सक अस्पताल के अंदर मौजूद नहीं मिले।
इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा गार्ड को डॉक्टर को बुलाने का निर्देश दिया। बताया जाता है कि डॉक्टर निजी मेडिकल से निकलकर चाय की दुकान की ओर चले गए, जबकि इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में करीब एक दर्जन मरीज इलाज के इंतज़ार में पड़े रहे, जिनमें मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल दो-तीन मरीज भी शामिल थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधक जितेंद्र कुमार सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी नवगछिया अनुमंडल उपाधीक्षक को फोन पर दे दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषी चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


