मुजफ्फरपुर। पूरे देश में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर से पूर्व विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। सनातन सेवार्थ बिहार के तत्वावधान में बुधवार की रात बाबा गरीबनाथ का 101 किलो लाई और तिलकुट से भव्य महाश्रृंगार किया गया। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
पूरे विधि-विधान से संपन्न हुआ षोडशोपचार पूजन
मकर संक्रांति के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। पुजारी आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा एवं पंडित अभिषेक पाठक ने पूरे विधि-विधान के साथ बाबा भोलेनाथ का षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया। पूजन के उपरांत लाई और तिलकुट से आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद धूप-दीप के साथ विधिवत आरती हुई, जिससे पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
लाई, तिल और तिलकुट से श्रृंगार की वर्षों पुरानी परंपरा
सनातन सेवार्थ बिहार के संयोजक प्रभात मालाकार ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर प्रत्येक वर्ष बाबा गरीबनाथ का लाई, तिल और तिलकुट से श्रृंगार किया जाता है। इसका उद्देश्य बिहारवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और मिठास बनी रहे। उन्होंने कहा कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसमें श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
पहले देवता को भोग, फिर पर्व की शुरुआत
इस अवसर पर पंडित आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा ने कहा,
“सनातन परंपरा के अनुसार किसी भी पर्व पर सबसे पहले देवता को भोग अर्पित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत मकर संक्रांति से पूर्व बाबा गरीबनाथ को लाई और तिलकुट का भोग लगाया गया, ताकि भक्तजन पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ पर्व मना सकें।”
आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम
इस भव्य धार्मिक आयोजन में संत अमरनाथ, निरंजन झा, अंशु कुमार मिश्रा, मनीष सोनी, पवन महतो, राकेश तिवारी, रमण मिश्रा, रतन चौधरी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में भक्ति, आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला।


