पटना। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CMFS) के चौथे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू होगी और 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस चरण में आईआईएम बोधगया द्वारा कुल 121 योग्य फेलो का चयन किया जाएगा, जिन्हें बिहार सरकार के नीति निर्माण और प्रशासनिक क्रियान्वयन से जोड़ा जाएगा। चयनित फेलो दो वर्ष की अवधि तक राज्य के विभिन्न प्रशासनिक संस्थानों में कार्य करेंगे।
इसकी जानकारी आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सिंह सहाय ने बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और आईआईएम बोधगया के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर 2025 को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और आईआईएम बोधगया के बीच तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके तहत यह चयन प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
शासन से युवाओं को जोड़ने की पहल
डॉ. सहाय ने बताया कि मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली और अनुभवी युवाओं को शासन की नीतियों के निर्माण, क्रियान्वयन और मूल्यांकन से जोड़ना है, जिससे प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हो और विकास को नई गति मिले।
40 दिन का विशेष प्रशिक्षण
चयनित 121 फेलो को पहले आईआईएम बोधगया में 40 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें नगर निगम, जिला समाहरणालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सचिवालय के विभिन्न विभागों, विकास आयुक्त कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय में कुल चार फेलो की तैनाती होगी।
अनुभव के आधार पर मिलेगा मानदेय
फेलो को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर 80 हजार से 1.50 लाख रुपये तक मासिक मानदेय दिया जाएगा।
- नगर निगम, डीएम और आयुक्त कार्यालय में तैनाती के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा, जिनका मानदेय 80 हजार रुपये होगा।
- छह वर्ष के अनुभव वाले फेलो को विभागों में एक लाख रुपये मिलेंगे।
- आठ वर्ष के अनुभव वाले फेलो को विकास आयुक्त और मुख्य सचिव कार्यालय में 1.25 लाख रुपये दिए जाएंगे।
- दस वर्ष के अनुभव वाले फेलो को उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में 1.50 लाख रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
प्रमाण-पत्र और पात्रता
फेलोशिप पूरी होने पर प्रतिभागियों को आईआईएम बोधगया की ओर से ‘लोक नीति एवं सुशासन’ में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण-पत्र तथा बिहार सरकार द्वारा कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। योजना के लिए केवल बिहार के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है।


